श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः श्रीराम हेल्थ सेंटर शहडोल में कोहनी की अत्यंत जटिल चोट, जिसे चिकित्सीय भाषा में कोहनी की तिकड़ी चोट कहा जाता है, का सफल उपचार किया गया। यह उपचार डा. अमोल प्रभाकर पांडे द्वारा किया गया। भयंकर तिकड़ी चोट में कोहनी की तीन गंभीर चोटें एक साथ होती हैं।
इसमें कोहनी का अपनी जगह से खिसक जाना, कोहनी के बाहरी हिस्से की गोल हड्डी का टूटना और कोहनी के अंदरूनी हिस्से की चोंच जैसी हड्डी का टूटना। कोहनी का खिसकना अपने आप में बहुत गंभीर चोट है। इसकी दर लगभग एक लाख की आबादी में साल भर में पांच से छह लोगों को मानी जाती है।
डा. अमोल पांडे ने बताया कि इस मरीज में कोहनी की स्थिरता वापस लाने के लिए अत्यंत जटिल शल्य क्रिया की गई। इसमें कोहनी की गोल हड्डी को कृत्रिम हड्डी से बदला गया, जो अपने आप में एक अनूठी और कुशलता भरी शल्यक्रिया मानी जाती है। इसके साथ ही फंदा तकनीक द्वारा चोंच जैसी टूटी हड्डी को जोड़ा गया और टामी जोन तकनीक के माध्यम से स्नायुबंधन का पुनर्निर्माण किया गया। ये सर्जरी श्रीराम हेल्थ सेंटर शहडोल में कम गई।
यह उपचार इस बात का उदाहरण है कि अब जटिल हड्डी रोग संबंधी चोटों का उपचार स्थानीय स्तर पर भी विशेषज्ञता के साथ संभव है। ऐसी चोटों में समय पर जांच, अनुभवी हड्डी रोग विशेषज्ञ द्वारा शल्यक्रिया और बाद में नियमित व्यायाम चिकित्सा अच्छे परिणाम के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेने से हाथ की गति और कार्यक्षमता को बेहतर तरीके से बचाया जा सकता है।













