श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिला मुख्यालय के बाल संप्रेक्षण गृह में भ्रमण दल पहुंचा और इस दल में शामिल मनोरोग चिकित्सक डा. सुमित दासगुप्ता ने बालिकाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जब आप भविष्य के प्रति सकारात्मक सोचेंगे तभी तनाव मुक्त रह पाएंगीं।
इस दौरान विशेष एजूकेटर व यूथ काउंसलर जिला अस्पताल ने भी एवं मार्गदर्शन किया। इस दल के भ्रमण का उद्देश्य वहां न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत संरक्षण में रखी गई किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिति, तर सामाजिक संबंधों, स्वास्थ्य एवं पोषण, कार्य पुनर्वास की प्रगति तथा भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का अवलोकन एवं आवश्यक परामर्श प्रदान करना था।
इस दौरान यहां की किशोरियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद एवं काउंसलिंग की गई। बातचीत के दौरान उनकी वर्तमान मानसिक स्थिति की स्क्रीनिंग । की गई तथा मानसिक परिस्थितियों उबरने के संबंध में उचित परामर्श प्रदान किया गया, साथ ही उनके व्यक्तित्व संबंधी व्यवहारिक विशेषताओं एवं वर्तमान मनोसामाजिक अनुकूलन का स्क्रीनिंग स्तर पर आंकलन किया गया।
उनको भविष्य के प्रति आशा, स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाने की इच्छा लिए उपयोगी एवं जिम्मेदार नागरिक तथा आगे चलकर देश और समाज के बनने की आकांक्षा के संबंध में भी चर्चा की गई। काउंसलर पूनम सिंह ने उनकी रुचियों एवं शौक, भविष्य की शिक्षा एवं कौशल विकास और पुनर्वास के पश्चात स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जीने की संभावनाओं पर संवाद किया गया।
काउंसलर ने शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली और उन्हें उचित रखरखाव की सलाह दी गई। मनोरोग चिकित्सक ने बालिकाओं से संवाद कर उनके अंदर अत्यधिक अपराधबोध, पश्चाताप, स्वयं को दोषी मानने की प्रवृत्ति तथा आत्महानि अथवा आत्मघाती विचारों की संभावित उपस्थिति के संबंध में संवेदनशीलतापूर्वक बात की।













