श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- विदिशा त्योंदा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य की डांट फटकार से नाराज कक्षा 10वीं के छात्र देव विश्वकर्मा की जहरीला पदार्थ खाने से मौत के बाद बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।
विदिशा में उपचार के दौरान छात्र की मौत के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजन उसे लेकर सीधे त्योंदा थाने पहुंचे और थाने के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन चला। पुलिस प्रशासन की समझाइश और जांच के लिए सात दिन का समय दिए जाने के बाद जाम हटाया गया।
प्रार्थना के समय हुई घटना के बाद छात्र को डांटने का मामला
स्वजनों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षक की कथित डांट-फटकार और मारपीट से छात्र आहत था। उनका कहना है कि शाम को प्रार्थना के समय शिक्षक की प्रताड़ना के बाद ही छात्र ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्मघाती कदम उठाया।
छात्र को गंभीर हालत में उपचार के लिए विदिशा ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, शिक्षक द्वारा प्रताड़ित किए जाने के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिजन ने किया हंगामा
छात्र की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर गंजबासौदा, ग्यारसपुर और कुरवाई से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
त्योंदा थाना प्रभारी गौरव रघुवंशी के अनुसार, प्रार्थना के समय मृतक छात्र ने किसी दूसरे छात्र को करंट जैसी वस्तु छुआ दी थी। करंट जैसा झटका लगने पर दूसरे छात्र ने इसकी शिकायत प्राचार्य से की थी।
छात्र के साथ मारपीट का आरोप
शिकायत के बाद प्राचार्य ने मृतक छात्र को डांटा था। स्वजनों का आरोप है कि छात्र को चांटा भी मारा था। इसके बाद छात्र ने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने छात्र के मृत्यु पूर्व बयान लिए हैं और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि छात्र ने जहरीला पदार्थ क्यों खाया और शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस ने परिजनों को सात दिन में जांच आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।













