श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरियाः जिले के ग्राम पंचायत बड़ागांव मे करीब दो माह पूर्व ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा एक जीवित व्यक्ति को कागज़ मे मृत घोषित करने वाले सचिव पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि जिस व्यक्ति को मृत घोषित किया गया था उसने आपने आप को जीवित होने का एक आवेदन पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत क़रकेली एवं जिला पंचायत सीईओ के समक्ष दिया था।
पत्र में शिकायतकर्ता अनिल कुमार मिश्रा ने उल्लेख किया था की मध्यप्रदेश खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत गरीबी रेखा का कार्ड धारक होने के कारण उचित मूल्य दूकान बड़ागांव से खाद्यान्न प्राप्त कर रहा था। मार्च के महीने मे अनिल मिश्रा को पता चला कि पंचायत सचिव रामू सोनी ने शासकीय कुर्सी का ऐसा दुरुपयोग किया कि एक जिंदा इंसान को कागजों में मृत घोषित कर दिया, जबकि समग्र आइडी के अनुसार परिवार का मुखिया अनिल मिश्रा है।
लोकायुक्त ने किया ट्रैपः राशन मित्र पोर्टल में फर्जी एंट्री कर पीड़ित अनिल मिश्रा का नाम सूची गायब कर उन्हें मृत बता दिया गया था जिससे गरीब परिवार को सीधा बेबसी का सामना करना पड़ा।
यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि सचिव की तानासाही एवं सुनियोजित खेल की बू देता मामला है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह वही सचिव हैं जिनके ऊपर पूर्व मे जिन पर पहले भी लोकायुक्त की कार्रवाई हो चुकी है। बावजूद इसके अधिकारियों की मेहरबानी से उन्हें फिर से शासकीय तिजोरी क़ी चाबी वित्तीय प्रभार सौंप दिया गया।







