श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- ब्यौहारीः विकास्त्रखंड ब्यौहारी के जन शिक्षा केंद्र बुढ़वा अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला खोखरा टोला में बच्चों का भविष्य एक जर्जर व्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है। यहां कक्षा 1 से 5 तक के सभी विद्यार्थी एक ही कमरे में ठूंस-ठूंसकर बैठने को मजबूर हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया. कि पहले स्कूल में एक भवन था जिसमें तीन कमरे थे।
वह भवन पूरी तरह जर्जर होकर गिर गया। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त कक्ष का निर्माण शुरू कराया गया, लेकिन वह आज तक अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कई बार बीआरसी कार्यालय में पत्राचार किया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
सूत्रों के अनुसार यह विद्यालय ग्राम पंचायत के आधीन आता है। इसका निर्माण पंचायत सचिव उदय राज के कार्यकाल में कराया गया था। निर्माण के लिए स्वीकृत पूरी राशि निकाल ली गई, लेकिन काम बीच ‘में ही छोड़ दिया गया। पंचायत के इस लापरवाही भरे कारनामे का खामियाजा आज मासूम बच्चे भुगत रहे हैं। एक ही कमरे में पहली से पांचवी तक के बच्चे अलग-अलग बेंचों पर बैठते हैं। कोई पहाड़ा याद कर रहा होता है तो कोई कविता, कोई गणित कर रहा होता है।
शोर के कारण न तो शिक्षक ठीक से पढ़ा पाते हैं और न ही बच्चे ध्यान से सुन पाते हैं। पहली कक्षा का बच्चा अक्षर सीख रहा होता है तो पांचवीं का बच्चा विज्ञान। ऐसे में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
ग्रामवासियों में इस व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार शिक्षा और बच्चों के भविष्य की बड़ी-बड़ी बातें करती है,लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि स्कूल में बैठने तक की जगह नहीं है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर शहडोल से मांग की है कि अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराकर बच्चों को राहत दिलाई जाए। वहीं इस मामले में डीपीसी शहडोल अमरनाथ सिंह ने कहा मैं पता करवाता हूं कि अतिरिक्त कक्ष का निर्माण क्यों अधूरा पड़ा है। बच्चों को जल्द से जल्द बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।







