श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल समय पर लिया गया सही निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है। चिकित्सा विज्ञान में गंभीर दुर्घटना, सिर की चोट और ब्रेन हेमरेज के बाद का पहला च्गोल्डन ऑवरज इसी सिद्धांत का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस दौरान यदि मरीज को सही अस्पताल, विशेषज्ञ चिकित्सक और तत्काल उपचार मिल जाए, तो मृत्यु और स्थायी विकलांगता के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण एसवी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, शहडोल में देखने को मिला, जहाँ 34 वर्षीय एक युवक को अनियंत्रित उच्च रक्तचाप के कारण हुए विशाल ब्रेन हेमरेज के बाद अति गंभीर अवस्था में लाया गया। युवक बेहोशी की हालत में था और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी।
अस्पताल पहुंचते ही विशेषज्ञ टीम ने तत्काल जांच शुरू की। सीटी स्कैन में मस्तिष्क के भीतर अत्यधिक रक्तस्राव तथा उसके कारण मस्तिष्क पर जानलेवा दबाव की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न्यूरोसर्जन डॉ. विवेक शर्मा ने बिना समय गंवाए आपातकालीन ब्रेन सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी के दौरान मस्तिष्क में जमा रक्त को सफलतापूर्वक निकाला गया तथा मस्तिष्क पर बढ़े हुए दबाव को कम किया गया।
इसके बाद मरीज का आईसीयू में विशेषज्ञ निगरानी, रक्तचाप नियंत्रण एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ उपचार किया गया। समय पर मिली चिकित्सा, सफल ऑपरेशन और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और वह स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौट सका। डॉ. विवेक शर्मा, न्यूरोसर्जन ने बताया कि ब्रेन हेमरेज और गंभीर सिर की चोट के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।







