जानकारी के अनुसार प्रसूति विभाग में एक मरीज के प्रसव के लिए एनेस्थीसिया देने के लिए महिला डॉक्टर को इमरजेंसी कॉल पर बुलाया गया था। अस्पताल का सरकारी वाहन उन्हें घर से लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। इसके बाद वे ऑपरेशन थिएटर में चली गईं। इसी दौरान एक अन्य गंभीर मरीज को मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एंबुलेंस रवाना हो गई।
बताया गया कि ओटी से बाहर आने के बाद महिला डॉक्टर ने देखा कि उन्हें घर छोड़ने वाला वाहन अस्पताल में मौजूद नहीं था। इसके बाद वे नाराज हो गईं और वाहन उपलब्ध कराने की बात को लेकर शोर करने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान महिला गार्ड से भी डॉक्टर की तीखी बातचीत हुई। डॉक्टर द्वारा जल्द घर पहुंचाने की बात कहे जाने की जानकारी सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला डॉक्टर आयुषी पांडे हैं।
मामले में जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें मिली थी। जिस एंबुलेंस से डॉक्टर को घर जाना था, वह एक गंभीर मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज चली गई थी। स्टाफ ने डॉक्टर को बताया था कि एंबुलेंस कुछ देर में वापस आ जाएगी लेकिन डॉक्टर नाराज हो गईं। सिविल सर्जन के मुताबिक डॉक्टर को मौखिक रूप से समझाया गया है। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि डॉक्टर आयुषी पांडे को व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही को लेकर पूर्व में भी नोटिस दिया जा चुका है, जिसकी जांच कलेक्टर द्वारा गठित टीम द्वारा की जा रही है।













