श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शहडोल जिले के 230 पटवारी 18 सितंबर से कलमबंद हड़ताल पर हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण मिश्रा ने इस संबंध में सोमवार को कमिश्नर सुरभि गुप्ता से मुलाकात कर उनको ज्ञापन सौंपकर पटवारियों पर हो रही प्रताड़ना बंद करने और लंबित मांगों के निराकरण की मांग की है। संघ का आरोप है कि पटवारी लगातार अपनी समस्याओं को लेकर तहसीलदार, एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य है।
उल्टा पटवारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि 20 अगस्त से 16 सितंबर तक फार्मर रजिस्ट्री के लिए सभी पटवारियों को ग्राम पंचायत भवनों में कैंप लगाकर काम करने के आदेश दिए गए थे।पटवारियों ने खराब मौसम और बारिश के बीच पंचायत भवनों में उपस्थित होकर काम किया। जिले के 40 पटवारियों का वेतन काटा गया है।
यह बताया कमिश्नर कोः
पटवारियों ने कमिश्नर से कहा कि गोहपारू तहसीलदार दिव्या सिंह मनमाने तरीके से वेतन काट रही हैं। अगस्त माह के कार्य के बाद भी पटवारियों का 14, 12, सात और छह दिन का वेतन काट दिया गया। जब पटवारी ज्ञापन देने गए तो उन्हें अपमानित किया गया। तहसील अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता का वेतन आज तक नहीं लगाया गया।
बिजौरी हल्का के दीपचंद सिंह, जमुड़ी के भारत खैरवार और बरौंधा के आनंद तिवारी को बिना सुनवाई निलंबित किया गया है। कहा गया कि सोहागपुर में 17, बुढ़ार में चार और ब्यौहारी में 13 पटवारियों को एक दिन का अवैतनिक किया गया है। जयसिंहनगर में छह पटवारियों का मई और अगस्त का वेतन रोका गया है।
यह निवेदन कियाः
सोहागपुर जूनियर पटवारियों को आरआइ प्रभार में दिया गया है जबकि सीनियर प्रशिक्षित पटवारी मौजूद हैं। साथ ही फील्ड के पटवारियों से ऑफिस का काम कराया जा रहा है। संघ ने मांग की है कि गोहपारू तहसीलदार को हटाया जाए, निलंबित पटवारियों को बहाल किया जाए, काटा गया वेतन वापस दिलाया जाए।













