SUBSCRIBE NOW

Home » जिला समाचार » शहडोल में सड़क पर दौड़ रही मौत, तेज रफ्तार से हर साल 500 से ज्यादा हादसे, 200 के करीब मौतें

शहडोल में सड़क पर दौड़ रही मौत, तेज रफ्तार से हर साल 500 से ज्यादा हादसे, 200 के करीब मौतें

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  शहडोल। जिले की सड़कों पर तेज रफ्तार कहर बनकर टूट रही है। यातायात विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले में हर साल 500 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हो रही हैं और करीब 180 से 200 लोगों की जान जा रही है। घायलों की संख्या इससे तीन गुना अधिक है।

तीन सालों में मौत के आंकड़े में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी

पिछले तीन सालों में मौत के आंकड़े में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो चिंता का विषय है।सबसे ज्यादा हादसे नेशनल हाईवे-43, शहडोल-अनूपपुर मार्ग, शहडोल-उमरिया मार्ग और बुढ़ार-धनपुरी मार्ग पर हो रहे हैं। इन मार्गों पर भारी वाहनों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।

सीटबेल्ट न लगाने से गंभीर चोटें और मौतें हो रही हैं

पुलिस की जांच में पाया गया है कि 60 प्रतिशत से अधिक हादसों में दोपहिया सवार शामिल हैं और उनमें से अधिकांश ने हेलमेट नहीं पहना था। वहीं कार दुर्घटनाओं में सीटबेल्ट न लगाने से गंभीर चोटें और मौतें हो रही हैं।

यातायात प्रभारी अमित विश्वकर्मा ने बताया कि लोग आज भी हेलमेट और सीटबेल्ट को बोझ समझते हैं। युवा वर्ग में ओवर स्पीड और स्टंटबाजी का क्रेज बढ़ा है। रात के समय ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले भी सामने आ रहे हैं। मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना और गलत दिशा में ओवरटेक करना भी हादसों की बड़ी वजह है।

अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम होंगे

यातायात पुलिस ने एक बार फिर 28 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 11 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की है। इस अभियान के तहत स्कूल, कालेज, बस स्टैंड, आटो स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे।

हेलमेट रैली के माध्यम से लोगों को समझाएगी पुलिस

पुलिस नुक्कड़ नाटक, पंपलेट वितरण और हेलमेट रैली के माध्यम से लोगों को समझाएगी। साथ ही नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई भी तेज की जाएगी।

कुछ बुनियादी बातों का पालन जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार सड़क हादसों को रोकने के लिए कुछ बुनियादी बातों का पालन जरूरी है। दोपहिया चलाते समय आईएसआई मार्क वाला हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें, कार में बैठते ही सीटबेल्ट लगाएं, गति सीमा का पालन करें, शराब पीकर वाहन बिल्कुल न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, हमेशा लेन में चलें और अचानक ब्रेक न लगाएं।

रात में सफर के दौरान रिफ्लेक्टर का उपयोग करें और थके होने पर वाहन न चलाएं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान तभी सफल होगा जब लोग खुद जागरूक होंगे।

सड़क को रेस ट्रैक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की जगह समझना होगा।

एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है। इसलिए यातायात नियमों का पालन जीवन बचाने के लिए जरूरी है।

यातायात प्रभारी अमित विश्वकर्मा ने बताया कि हेलमेट,सीटबेल्ट,ओवरस्पीड और ड्रिकिंग ड्राइव के कारण सर्वाधिक दुर्घनाएं हो रही है।इस पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाए जाते है,लेकिन शहडाेल में अभी लोग इन चारों नियमों की अनदेखी कर रहे है,जिससे कारण दुर्घटनाअों का ग्राफ बढ़ा है।लोगों को खुद भी जागरुक होना पड़ेगा तभी हादसे में रोक लगेगी

 

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

READ MORE

Join Us