श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा की तैयारी अब अंतिम चरण में है। यह रथयात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी। यहां की रथयात्रा की परंपरा काफी पुरानी है। तकरीबन 100 साल से रथयात्रा को धार्मिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार शहर में निकाला जा रहा है। समय के साथ इसमें हर साल कुछ न कुछ बदलाव हुआ है और आगे भी होता रहेगा पर नहीं बदली है तो वह है लोगों की आस्था और भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों के मन में कायम विश्वास।
रथयात्रा के लिए चित्रकूट से विशेष पुजारी यहां 14 जुलाई को आ जाएंगे जिनके द्वारा ही भगवान जगन्नाथ स्वामी को सपारिवार रथ पर सवार कराया जाएगा और फिर विशेष पूजा अर्चना भी उनके द्वारा ही की जाएगी। इस बार 51 युवाओं की टोली रथ खींचने का काम करेगी। इस साल भी आषाढ मास की द्वितीया तिथि को यानी 16 जुलाई को जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा धूमधाम से निकाले जाने की तैयारी है।
यह यात्रा ऐतिहासिक मोहनराम मंदिर से दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि मोहनराम मंदिर के संस्थापक गोलोक वासी पं. मोहनराम पांडेय जो तक रामानुज संप्रदाय के अनुयायी थे, वे पुरी धार्मिक यात्रा पर गए थे और उनको मन में हुआ कि हम भगवान जगन्नाथ को अपने साथ शहडोल लेकर जाएंगे और मन में उनको बैठाकर ले आए। 120 साल पहले मोहनराम मंदिर में भगवान जगन्नाथ को परिवार सहित प्राण प्रतिष्ठित कराया। तभी से यह यात्रा भी शुरू हो गई जो आज तक जारी है।
भगवान जगन्नाथ का कलेवर तब से अब तक पांच बार बदला जा चुका है। मोहनराम मंदिर के पुजारी पं.लवकुश शास्त्री बताते हैं कि तीन बार तो उनके सामने ही कलेवर बदला जा चुका है। मूर्ति का कलेवर परिवर्तन सामूहिक सहयोग से हुआ है और रथयात्रा का आयोजन भी सामूहिक सहयोग से होता आ रहा है।







