श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः बालिका के विवाह की निर्धारित उम्र 18 वर्ष एवं बालक की उम्र 21 वर्ष है। यदि इससे पहले कोई भी विवाह करता है तो यह बाल विवाह कहलाता है जो कानून के हिसाब से अपराध की श्रेणी में आता है। अगर 18 साल की उम्र से पहले परिवार के लोग विवाह करने की बात करें तो उनको साफ मना कर दो।
यह बात पचगांव के हायर सेकंडरी स्कूल में डिस्ट्रिक्ट हब फार एंपावरमेंट आफ वूमेन कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यक्रम में वन स्टाप सेंटर प्रशासक भानुप्रिया महरा ने छात्राओं को समझाते हुए कही। उन्होंने कहा कि आपके आस पास कहीं भी यदि बाल विवाह होता है, तो अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को या टोल फ्री नंबर 1098 में इसकी सूचना दें।
जागरूकता कार्यक्रम में पाक्सो एक्ट, बच्चों को यौन उत्पीड़न और शोषण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। यह आयोजन कलेक्टर के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग अखिलेश मिश्रा के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति योजना के तहत किया गया। काउंसलर सपना पांडेय ने वन स्टाप सेंटर में एक ही छत के नीचे दी जाने वाली समस्त सेवाओं के बारे में बताया।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम इंटरनेट मीडिया यानी फेसबुक, इंस्ट्राग्राम वाट्सएप आदि का सतर्कता के साथ उपयोग करें। किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, जिससे भविष्य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़े। कार्यक्रम में छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म, अच्छे खान पान एवं हरे पत्तीदार सब्जियों का सेवन करने के बारे में भी बताया गया। प्राचार्य मनोज कुमार तिवारी ने आभार ज्ञापित किया।







