श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः बिरसा मुण्डा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की डायलिसिस यूनिट में इलाज के नाम ‘पर मरीजों और उनके स्वजन से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। यूनिट में पदस्थ आउटसोर्स डायलिसिस तकनीशियन पर निर्धारित प्रक्रिया से हटकर पैसे मांगने के आरोप हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष ने आउटसोर्स प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार तकनीशियन गोविंदा कुमार मरीजों को झांसे में लेकर डायलाइजर और डायलाइजर ट्यूब उपलब्ध कराने के नाम पर अलग से राशि वसूले हैं। शिकायतकर्ताओं ने भुगतान के सबूत भी सौंपे हैं।
शिकायत में बताया गया कि अगसिया बाई से 24 जून को 700 रुपये लिए गए। इसी तरह मिठाई लाल से 27 जून को 700 रुपये वसूले गए। सबसे. है। ज्यादा आरोप कृष्ण कुमार दास के मामले में हैं। उनसे मई महीने में कई बार भुगतान कराया गया। दस्तावेजों के अनुसार 21, 22 और 24 मई को 1750-1750 रुपये नकद लिए गए। इसके बाद 27 मई को 2500 रुपये और 28 मई को 2700 रुपये लिए जाने का उल्लेख है।
इनमें कुछ भुगतान आनलाइन माध्यम से और कुछ नकद काम करने वाली सहकर्मी पुष्पा किए गए। सिर्फ मरीज ही नहीं, यूनिट में अहिरवार ने भी 3000 रुपये लिए जाने की लिखित शिकायत विभाग को दी विभागाध्यक्ष ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि संबंधित कर्मचारी के कार्य व्यवहार को लेकर पहले भी मौखिक शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से मरीजों का भरोसा टूट रहा है। सरकारी अस्पताल में मुफ्त या निर्धारित दर पर मिलने वाली सुविधा के बदले अवैध वसूली से न केवल मरीज परेशान हो रहे हैं, बल्कि पूरे चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल की छवि भी धूमिल हो रही है।
विभागाध्यक्ष ने आउटसोर्स प्रभारी से पूरे प्रकरण की शीघ्र जांच कराकर दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। निवासी राजू कुमार साहू सप्ताह में तीन बार अपने मरीज के डायलिस के लिए मेडिकल कालेज आते हैं। उन्होंने डायलिसिस प्रभारी को दिए आवेदन में लिखा है कि 24 जून को डायलिस तकनीशियन गोविंदा कुमार ने उनसे कहा कि यूनिट में डायलाइजर उपलब्ध नहीं है, इसे बाहर से लेना पड़ेगा। इसके बाद उनसे 700 रुपये यूपीआइ के माध्यम से ले लिए गए। राजू कुमार का कहना है कि सरकारी अस्पताल में गलत है। उन्होंने मांग की है कि उनके इलाज के दौरान इस तरह पैसे मांगना पैसे वापस दिलाए जाएं और मामले का निराकरण किया जाए।
यह शिकायत पत्र जनरल मेडिसिन विभाग के सहायक प्राध्यापक डा. श्रीकांत चौरसिया के माध्यम से आठ जुलाई को एचओडी को फारवर्ड किया गया है। विभागाध्यक्ष ने प्रभारी अधिकारी से पूरे मामले की जांच पत्र पर संज्ञान लेते हुए आउटसोर्स कर कार्रवाई करने को कहा है। वहीं मेडिकल कालेज के डीन डा. जीबी अभी मेरी रामटेके ने कहा यदि ऐसा हुआ है तो जांच के बाद कार्रवाई होगी। अभी मेरी जानकारी में मामला नहीं है।







