SUBSCRIBE NOW

Home » जिला समाचार » अनूपपुर सीमा पर डेरा डाले तीन जंगली हाथी, शहडोल के गांवों में अलर्ट, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

अनूपपुर सीमा पर डेरा डाले तीन जंगली हाथी, शहडोल के गांवों में अलर्ट, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  शहडोल-अनूपपुर सीमा के पास तीन जंगली हाथियों की मौजूदगी से वन विभाग अलर्ट हो गया है। हाथी फिलहाल अनूपपुर क्षेत्र में हैं, लेकिन सीमा से करीब दो किलोमीटर दूर होने के कारण ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। वन विभाग गश्त बढ़ाकर निगरानी कर रहा है और गज रक्षक ऐप के जरिए लोगों को जानकारी दे रहा है।
केशवाही वन परिक्षेत्र से लगी अनूपपुर जिले की सीमा पर तीन जंगली हाथियों की मौजूदगी से सीमावर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हाथी फिलहाल अनूपपुर क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं, लेकिन शहडोल की सीमा से उनकी दूरी करीब दो किलोमीटर होने के कारण वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को पहले से ही सावधान रहने की सलाह दी गई है।
केशवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अंकुर तिवारी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। केशवाही वन परिक्षेत्र के बीट रामपुर अंतर्गत ग्राम बैरियाह, रामपुर, पड़रिया सहित अन्य सीमावर्ती गांवों में वन विभाग की टीम ने मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे रात के समय जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाएं और हाथियों की सूचना मिलते ही तत्काल वन विभाग को अवगत कराएं।
वन विभाग ने ग्रामीणों के मोबाइल फोन में गज रक्षक ऐप भी डाउनलोड कराया है, ताकि हाथियों की लोकेशन और अलर्ट संबंधी जानकारी समय पर मिल सके। इसके अलावा वन अमले की गश्त बढ़ा दी गई है और हाथियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हाथियों ने शहडोल जिले की सीमा में प्रवेश नहीं किया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि जंगली हाथियों से बचाव के लिए क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया गया है। ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी स्थिति में उन्हें उकसाने या उनके करीब न जाने की समझाइश दी गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने इसी झुंड का एक हाथी केशवाही वन परिक्षेत्र में पहुंच गया था, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बांधवगढ़ भेजा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार वन विभाग पहले से अधिक सतर्कता बरत रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

READ MORE

Join Us