श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- बिजुरीः नगर पालिका क्षेत्र में चिकित्सा लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कथित गलत इलाज के चलते एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद स्वजनों ने संबंधित डाक्टर और उनके कंपाउंडर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी अनुसार, बिजुरी थानाक्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 निवासी भागीरथ केवट को अचानक पेट और सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। स्वजन उन्हें इलाज के लिए स्थानीय डाक्टर डी के कोरी के क्लीनिक लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस समय डाक्टर क्लीनिक में मौजूद नहीं थे और उनके कंपाउंडर बसंत द्वारा मरीज को ड्रिप चढ़ाई गई।
स्वजनों का कहना है कि ड्रिप लगने के कुछ ही देर बाद भागीरथं की हालत अचानक बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद स्वजनों ने आरोप लगाया कि डाक्टर और कंपाउंडर ने बिना सूचना दिए मामले को दबाने की कोशिश की तथा शव को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी भेजकर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित स्वजनों ने बिजुरी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वहीं, डाक्टर डीके कोरी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए, कहा कि घटना के समय वे क्लीनिक में मौजूद नहीं थे।
उनके अनुसार मरीज को दिल का दौरा पड़ने की आशंका थी। उन्होंने बताया कि कंपाउंडर द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया होगा और जैसे ही उन्हें सूचना मिली, मरीज को तत्काल बाइक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी भेजा गया। डाक्टर ने यह भी कहा कि कोई भी चिकित्सक ऐसी घटना नहीं चाहता। फिलहाल, सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर निजी क्लीनिकों में इलाज की व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







