श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- शहडोलः नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शहर में वर्षों से डंपिंग साइट पर जमा पुराने ठोस कचरे (लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए रेमेडिएशन कार्य में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ आशा भंडारी ने जमुआ एवं कोटमा स्थित कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कचरे की अव्यवस्थित स्थिति पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि डंपिंग ग्राउंड पर आधुनिक मशीनों के माध्यम से कचरे की वैज्ञानिक छंटाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रेमेडिएशन प्रक्रिया के अंतर्गत प्लास्टिक, धातु व अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर अधिकृत रिसाइक्लिंग इकाइयों को भेजा जा रहा है, जबकि अनुपयोगी अवशेषों का सुरक्षित एवं वैज्ञक तरीके से निस्तारण किया जाए बताया गया है कि कार्य पूर्ण होने के पश्चात डंपिंग स्थल से निकलने वाली दुर्गंध, हानिकारक गैसों के उत्सर्जन तथा भूजल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों को राहत मिलेगी।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि यह कार्य शासन की स्वच्छता संबंधी योजनाओं के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। रेमेडिएशन कार्य पूर्ण होने के बाद खाली हुई भूमि का उपयोग हरित क्षेत्र विकसित करने अथवा अन्य जनहितकारी परियोजनाओं में किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यू बस स्टैंड एवं नगर में अमृत 2.0 के अंतर्गत पुरानी बस्ती, जिला चिकित्सालय के पास निर्माण की जा रही पानी टंकी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के पुनीत त्रिपाठी, शरद द्विवेदी, मोतीलाल सिंह, हरिओम तोमर अनिल महोबिया आदि मौजूद रहे।









