श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- खैरहा एवं सिंहपुर थाना में सर्व समाज समन्वय समिति ने यूजीसी के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
शहडोलः सर्व समाज समन्वय समिति के द्वारा यूजीसी के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सर्व समाज के लोगों ने अपने ज्ञापन में बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जनवरी में जारी की गई यूजीसी जिसे 15 जनवरी को भारत के राजपत्र में अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। यह अधिसूचना उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से लाना बताई जा रही है तथा इसमें एसटीएसटी ओवीसी एवं दिव्यांग छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया गया है। इसके अन्तर्गत सभी विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों में 90 दिनों के भीतर कमेटियों के गठन का प्रवधान किया गया है, जिन्हें शिकायतों की जांच का अधिकार दिया गया है। सर्व समाज समन्वय समिति, शहडोल का यह स्पष्ट एवं दृढ़ मत है कि उक्त अधिसूचना भारत के संविधान में प्रदत्त समानता के मूल अधिकार अनुच्छेद 14, 15, एवं 21 की भावना के अनुरुप नही है।
भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है, लेकिन यह अधिसूचना समानता की समग्र अवधारणा का स्थापित करने के स्थान पर केवल एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर केद्रित है। सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों एवं संवैधानिक संरक्षण को पूरी तरह नजर अंदाज करती है। किसी भी कानून या नियम का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए न कि किसी एक वर्ग के पक्ष में असंतुलन उत्पन्न करना। उत्तर प्रदेश सहिते देश के अनेक राज्यों में यह अधिसूचना विश्वविद्यालयों पर लागू की जा चुकी है,
जिसके परिणाम स्वरूप शैक्षणिक परिसरों में भय, असंतोष एवं असमानता का वातावरण उत्पन्न हो रहा है। भारत की अनुमानित जनसंख्या लगभग 140 करोड़ है, जिसमें से एक-तिहाई जनसंख्या सामान्य वर्ग की है। इस प्रकार की अधिसूचनाएं सामान्य वर्ग के करोड़ों छात्रों एवं नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन करती हैं। सभी सर्व समाज समन्वय समिति के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति से यह स्पष्ट एवं सशक्त मांग करते है कि उक्त यूजीसी अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा सभी वर्गों के छात्रों के अधिकारों को समान रूप से ध्यान में रखते हुए एक निष्पक्ष, संतुलित एवं संविधान सम्मत नीति का निर्माण किया जाए। विरोध प्रदर्शन में शामिल सामान्य वर्ग सामाजिक संगठन में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष, विराट क्षत्रिय महासभा, रायल राजपूत संगठन, श्री राजपूत करणी सेना,
उपसरपंच संगठन महासमिति, सर्व वैश्य समाज, पेंशनर एसोसिएशन मप्र, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, जिला कायस्थ समाज, सभी संगठनों एवं उपस्थित नागरिकों ने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज में समरसता, समानता एवं न्याय की स्थापना है। कार्यक्रम में अखिलेश कुमार शर्मा, रमाकांत सिंह परमार, ओंकार सिंह सिंगर, नरेंद्र प्रताप सिंह खत्री, अनमोल सिंह सिसोदिया, महेश सिंह कछवाह, अर्जुन सिंह सिंगर, ओम प्रकाश सिंह गहरवार, विवेक सिंह तोमर, अविनाश सिंह तोमर, विजय सिंह जोधावत, पुष्पराज सिंह परमार, संजीव सिंह कछवाह, पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी, रामनिवास गुप्ता, अमरीश श्रीवास्तव, हेमंत तिवारी, सुनील मिश्रा, कपिल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।







