श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोल जिले में गौवंशों की मौत के दो अलग-अलग मामलों ने प्रशासन और संबंधित व्यवस्थाओं चुप्पी साधे हुए हैं। शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात में सभी गौवंश की मौत हो गई।
ब्यौहारी की गौशाला में दो मवेशियों की मौत हुई, जबकि धनपुरी थाना क्षेत्र के अमलाई ओपन कास्ट माइंस में दूषित पानी पीने से 8 से अधिक गौवंशों की जान चली गई। इन घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों और गौ रक्षकों में आक्रोश है, और वे जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
चरवहिंया धाम स्थित गौशाला में दो मवेशियों की मौत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। स्थानीय लोगों ने वीडियो साझा करते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समय पर देखरेख और उचित इलाज न मिलने के कारण इन मवेशियों की मौत हुई।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलाई ओपन कास्ट माइंस में दूषित और जहरीला पानी पीने से 8 से अधिक गौवंशों की मौत हो गई।
प्रबंधन की लापरवाही से खदान में गौवंश की मौत
गौ रक्षकों का आरोप है कि एसईसीएल (SECL) प्रबंधन की लापरवाही के कारण खदान क्षेत्र में दूषित पानी के खुले स्रोत मौजूद हैं, जिससे गौवंशों की जान जा रही है। गौ रक्षक राम दुबे ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है।
इससे पहले वर्ष 2022 में भी इसी तरह 19 गौवंशों की मौत हुई थी। गौ रक्षकों ने गौवंशों की असमय मौत पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इन मामलों की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है।







