SUBSCRIBE NOW

Home » राज्य » कुएं से 4 को निकाला, पांचवीं बार खुद नहीं लौटे:मंदसौर के मनोहर को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार; परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी

कुएं से 4 को निकाला, पांचवीं बार खुद नहीं लौटे:मंदसौर के मनोहर को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार; परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

  सीमा सिंह शहडोल -: 

 ” कुएं के अंदर से चिल्लाने की आवाज आ रही थी। सुनकर मनोहर रस्सी के सहारे उतरा। एक-एक करके चार लोगों को कुएं से बाहर निकाल लिया। पांचवीं बार जब कुएं में उतरा तो बाहर ही नहीं आ पाया। उसका दम घुट गया और मौत हो गई।

यह कहना है कि मंदसौर हादसे में 4 लोगों की जान बचाने वाले मनोहर सिंह के बड़े भाई कमल सिंह का। बता दें कि मंदसौर के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास ईको वैन ने बाइक को टक्कर मार दी थी। टक्कर के बाद वैन कुएं में जा गिरी थी। वैन में 14 लोग सवार थे।
हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कुएं में गिरे 14 लोगों में से 10 लोग और उनकी जान बचाने उतरे मनोहर की भी हादसे में जान चली गई। मध्यप्रदेश सरकार ने मनोहर को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय लिया है।

आंतरी माता के दर्शन के लिए जा रहे थे रतलाम के खोजनखेड़ा गांव से 14 लोग इको वैन में सवार होकर मनासा क्षेत्र के आंतरी माता दर्शन के लिए जा रहे थे, लेकिन मंदसौर जिले के बूढ़ा टकरावद रोड पर 1 बाइक सवार सामने आ जाने से वैन ने पहले बाइक सवार को टक्कर मारी। इसके बाद वह बेकाबू होकर सड़क से सटे बिना मुंडेर के कुएं में जा गिरी।

हादसे में इन 12 लोगों की गई जान

1. बलराम पिता हेमराज, उम्र 25 साल, निवासी- डाबी पिपलिया, जिला उज्जैन

2. नागु सिंह पिता उदा पटेल, उम्र 35 साल, निवासी-जोगी पिपलिया, जिला रतलाम

3. रामी बाई पति पूरालाल कीर, उम्र 60 साल, निवासी- खोजन खेड़ा, जिला रतलाम

4. कान्हा पिता मानसिंह कीर, उम्र 40 साल, निवासी-जोगी पिपलिया, जिला रतलाम

5. श्यामलाल पिता पूरालाल कीर, उम्र 30 साल, निवासी खोजन खेड़ा, जिला रतलाम

6. आशा पति राकेश कीर, उम्र 30 साल, निवासी खोजन खेड़ा, जिला रतलाम

7. मंगू बाई पति दुल्ला कीर, उम्र 50 साल, निवासी खोजन खेड़ा, जिला रतलाम

8. धर्मेंद्र सिंह पिता मदन सिंह राजपूत, उम्र 39 साल, निवासी – खोजन खेड़ा, जिला रतलाम

9. पवन पिता दुल्ला कीर, उम्र 30 साल, निवासी-खोजन खेड़ा, जिला रतलाम

10. मधु पति मनोहर गहलोत, उम्र 30 साल, निवासी-हरिया खेड़ी, जिला उज्जैन

11. गोवर्धन (गोबर) पिता देवी सिंह राजपूत, उम्र 65 साल, निवासी आबाखेड़ी (नाहरगढ़), जिला
[1:29 PM, 5/1/2025] singhseema74840@gmail.Com: मंदसौर (ये बाइक चला रहे थे, जिसे कार ने टक्कर मार दी)

12. मनोहर पिता शीतल सिंह, उम्र 42 साल, निवासी-दोरवाड़ी (नारायणगढ़), जिला मंदसौर (ये कुएं में गिरे लोगों को बचाने उतरे थे)

हादसे में ये 4 लोग घायल हुए

देवेंद्र पिता मनोहर गहलोत, उम्र 10 साल, निवासी – हरिया खेड़ी, जिला उज्जैन

मुकेश पिता बगदीराम कीर, उम्र 28 साल, निवासी- जोगी पिपलिया, जिला रतलाम

माया पति बलराम कीर, उम्र 26 साल, निवासी-पिपलिया डाबी, जिला उज्जैन

प्रियांशी पिता बलराम, उम्र 3 साल, निवासी-पिपलिया डाबी, जिला उज्जैन

पिता के खोने के बाद दोनों बेटों का हाल बुरा मनोहर सिंह की मृत्यु के बाद परिवार में गम का माहौल है। आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिवारजनों को यकीन नहीं हो रहा है कि कल तक जो मनोहर उनके बीच में था, आज वह उनके साथ नहीं है।

पिता दरवाजे पर टकटकी लगाए हुए हैं, मानों वह अपने बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे हों। वहीं पिता को खोने के बाद दोनों बेटों का भी बुरा हाल है। अभी तक जिस पिता के साए में दोनों बेटे सुकून महसूस कर रहे थे, अब उन्हें पिता मनोहर सिंह के बिना ही रहना होगा।

भाई कमल बोला-गैस रिसने से दम घुट गया मनोहर के बड़े भाई कमल सिंह का कहना है कि घटना वाले दिन हम दोनों घर में प्याज साफ कर रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज हुई। हमने जाकर देखा तो बाइक को टक्कर मारने के बाद इको वैन कुएं में गिर गई थी। कुएं के अंदर से चिल्लाने की आवाज आ रही थी।

यह सुनकर मनोहर रस्सी के सहारे कुएं में उतर गया। चार लोगों को कुएं से बाहर निकालने के बाद वह, पांचवीं बार जब कुएं में उतरा तो बाहर नहीं आ पाए। गाड़ी में गैस रिसाव होने के चलते मनोहर सिंह का दम घुट गया और उन्होंने भी अपनी जान गवां दी।

मनोहर सिंह हमेशा लोगों की मदद करता था। 4 लोगों की जान बचाने के बाद बेटे की जान चली गई, यह अफसोस की बात है।

शीतल सिंह

पिता

बेटा संजय बोला-मदद के लिए तत्पर रहते थे पिताजी

मनोहर के छोटे बेटे संजय का कहना है कि पिताजी का स्वभाव हर किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने का था। उनकी मौत के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का कहा है। यह जानकारी न्यूज के माध्यम से मिली है।

संजय का कहना है कि घर में पिताजी अकेले कमाने वाले थे। अब दोनों भाइयों में से किसी को नौकरी मिलती है तो यह परिवार के लिए अच्छा रहेगा। संजय ने बताया कि परिवार के पास 7 बीघा जमीन है। इसी से परिवार चलता था। मनोहर 2 बेटों जीतेंद्र और संजय सहित पत्नी पुष्पा बाई को छोड़ गए हैं।
एसपी ने कहा- वैन में एलपीजी सिलेंडर था एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि इस हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी। नारायणगढ़ थाने में अपराध पंजीकृत किया है। वाहन में एलपीजी का सिलेंडर लगा हुआ था, वाहन आरटीओ में एलपीजी रजिस्टर्ड है।

परिजन को 4-4 लाख रुपए मुआवजा मिलेगा मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसमें से 2-2 लाख रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तो 2-2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से दिए जाएंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए और सामान्य रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us