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रीवा में मानवता की शर्मनाक तस्वीर, सरपंच-रोजगार सहायक का मदद से इनकार; ड्रम में बांधकर ले गए शव

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श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :-   रीवा। जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जवा क्षेत्र निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग की अस्पताल में मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए किसी ने मदद नहीं की। स्वजन रीवा से करीब 68 किमी दूर निजी वाहन से आ गए, लेकिन गांव के पास स्थानीय नाले में उफान आ गया।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

स्वजन ने सरपंच और रोजगार सहायक से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया।ऐसे में मजबूरी में स्वजन ने दो ड्रमों का इंतजाम किया, रस्सी से बांधकर नौका बनाई और पटिया पर वृद्ध का शव रखकर नाला पार कराया। मामला 20 अगस्त का है, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

उफान मार रहे नाले के चलते रास्ता नहीं मिला

ग्राम पंचायत रौली निवासी 90 वर्षीय मोती लाल तिवारी की 20 अगस्त को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मौत हो गई थी। स्वजन शव को लेकर गांव के मुख्य मार्ग तक तो पहुंच गए पर उफान मार रहे नाले के चलते रास्ता नहीं मिला। स्वजन ने सरपंच और रोजगार सहायक विवेक तिवारी से मदद मांगी। उनके इन्कार करने पर स्वजन ने किसी तरह जुगाड़ कर ड्रम की नौका बनाई और शव घर ले गए, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

कलेक्टर बोले-उपलब्ध कराई थी नाव

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पंचायत के लोगों ने दूसरे रास्ते से पीड़ित परिवार को नाव उपलब्ध कराई थी। उन्होंने इसका उपयोग नहीं किया। ड्रम से शव को ले जाने की वजह जानने के लिए जांच के निर्देश दिए हैं। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

महिला के शव को कांधे पर रखकर नदी पार कराई

शहडोल के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम नगनौड़ी में सोमवार को राजवती बैगा (45) पत्नी कामता बैगा ने झापर नदी के पार स्थित बगीचे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस और स्वजन करीब एक किलोमीटर दूर गांव तक वाहन से आए, लेकिन बाढ़ ने उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों ने लकड़ी बांधकर शव कांधे पर रखा और स्थानीय झापर नदी को पार कराया।

हाई कोर्ट भी ले चुका है विदिशा मामले में संज्ञान

जबलपुर: विदिशा के गुलाबगंज तहसील के चार गांवों के विद्यार्थी बेतवा नदी में बने स्टाप डैम के पिलरों पर कूदकर रोज स्कूल जाते हैं। मीडिया में जारी समाचारों का संज्ञान लेकर हाई कोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर सरकार व प्रशासन से जवाब मांगा है।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया व जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ व अधिवक्ता हिमांशु मिश्रा को कोर्ट मित्र नियुक्त किया है। कोर्ट ने नदी पर सुरक्षित आवागमन के विकल्प सुझाने को कहा है। कोर्ट ने मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव और विदिशा कलेक्टर से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

ये मामले भी आ चुके हैं सामने
  • 19 अगस्त को छिंदवाड़ा के दमुआ में ग्राम पंचायत गोप के चीटीपाठा जामुनडोगा में पक्की सड़क न होने के कारण 22 वर्षीय प्रसूता कुस्तरिया मलगाम को डोली पर लादकर आठ किलोमीटर ले जाना पड़ा। छिंदवाड़ा अस्पताल में प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
Shreya News
Author: Shreya News

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