श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल के जैतपुर क्षेत्र के मौहरटोला सरकारी स्कूल का भवन जर्जर होने से बारिश में छत टपक रही है। बच्चों की सुरक्षा के चलते कक्षाएं बंद हैं। ग्रामीण प्रहलाद सिंह ने अपना बरामदा निशुल्क देकर एक महीने से स्कूल चलाने में मदद की।
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और बच्चों को सुरक्षित व बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन जैतपुर क्षेत्र की गलहथा पंचायत में तस्वीर इन दावों से उलट नजर आ रही है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय मौहरटोला, संकुल केंद्र खमरिया का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन में कक्षाएं लगाना मुश्किल हो गया। ऐसे में गांव के एक व्यक्ति ने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपने घर का बरामदा निशुल्क उपलब्ध करा दिया। पिछले एक माह से अधिक समय से इसी बरामदे में स्कूल संचालित हो रहा है।
ग्रामीण प्रहलाद सिंह ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बंद न हो, इसलिए उन्होंने अपना बरामदा स्कूल के लिए निशुल्क उपलब्ध कराया है। ग्रामीणों की मांग है कि जर्जर स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए या नया भवन बनाया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई मिल सके।
मामले में एसी ट्राइबल आनंद राय सिंहा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे एक बैठक में हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी डीपीसी को दी गई है। बैठक में व्यस्त होने के कारण इस संबंध में उनसे आगे विस्तार से बात नहीं हो सकी।











