श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जिले के बुढ़ार एवं शहडोल में हुए दो अलग-अलग चर्चित हत्याकांडों के कुल सात आरोपियों को आज न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय बुढ़ार से सजा पाने वाले आरोपियों में लाला बैगा उर्फ मड़दा, पिता रमेश कुमार, आयु 21 वर्ष, अंजू उर्फ अंजली द्विवेदी, पति दीपक सिंह, आयु 42 वर्ष, प्रियंका मिश्रा, पिता दयानारायण मिश्रा, आयु 33 वर्ष, अलका उर्फ शैलजा द्विवेदी, पति अरविंद शर्मा, आयु 24 वर्ष तथा आभा द्विवेदी, पिता स्व. अमर द्विवेदी, आयु 21 वर्ष, सभी निवासी वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार, थाना बुढ़ार शामिल हैं।
आरोपियों ने 27 मई 2024 की रात करीब 9 बजे आरक्षी केंद्र बुढ़ार क्षेत्रांतर्गत वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार में कुशमी कोल के घर के सामने घातक हथियारों, लाठी, डंडे और हॉकी से लैस होकर पड़ोस में रहने वाले जोगेंद्र सिंह एवं उसके अन्य साथियों पर प्राणघातक हमला किया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद जोगेंद्र सिंह बघेल की जबलपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। इस प्रकरण में बीते 25 अगस्त को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज फैसला सुनाया गया। प्रकरण में अभियुक्त लाला बैगा की ओर से एडवोकेट वीरेंद्र सिंह एवं शेष चार अन्य अभियुक्तों की पैरवी प्रदीप सिंह एडवोकेट ने की।
इसी प्रकार कोतवाली शहडोल अंतर्गत रेलवे कॉलोनी में दीपावली के दूसरे दिन 13 नवंबर 2023 की रात हुए दोहरे हत्याकांड में रिजवान कुरैशी, पिता अब्दुल वदूद कुरैशी, उम्र 24 वर्ष, निवासी दरभंगा चौक शहडोल एवं शीनू लक्ष्मणन हत्याकांड के आरोपी सचिन मोजरकार और उसके भाई चंद्रशेखर मोजरकर को भी न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामूली कहासुनी के बाद तलवार से किया था हमला











