श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- धार। जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय सूरजपुरा की बदहाल स्थिति का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में विद्यालय के बच्चे वर्षा के कारण गीली हुई अपनी पाठ्य पुस्तकों को धूप दिखाकर सुखाते नजर आ रहे हैं। किताबों को सुखाने की यह तस्वीर विद्यालय भवन की स्थिति और बच्चों को मिल रही शैक्षणिक सुविधाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
विद्यालय भवन में पहुंचा पानी
वर्षा के दौरान विद्यालय भवन में पानी पहुंचने के कारण बच्चों की पाठ्य पुस्तकें भीग गईं। इसके बाद छात्र-छात्राओं को उन्हें सुखाने के लिए धूप में रखना पड़ा। पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचे बच्चों का यह दृश्य इंटरनेट मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
बच्चों की किताबें सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं
जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित विद्यालय में यदि बच्चों की किताबें सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं तो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। विद्यालय भवन के रखरखाव और वर्षा के पानी से बचाव की व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों को सुरक्षित भवन और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है।
तीन किलोमीटर दूर से आने वाली छात्राओं को मिलीं निश्शुल्क साइकिलें
केसूर : कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शासन की योजना के तहत तीन किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से विद्यालय आने वाली छात्राओं को निश्शुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।
साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरपंच फूलसिंह वर्मा रहे, जबकि अशोक चौधरी एवं चंदन बराड़िया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य पवन मालवीय ने की। अतिथियों ने छात्राओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अतिथियों ने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने तथा जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सभी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।











