श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः पुलिस विभाग ने अब पेपरलेस कामकाज की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आनलाइन एफआइआर के बाद अब जिले में अपराधों की जांच भी पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए शहडोल जिले के 180 विवेचकों को टैब वितरित किए जा चुके हैं। अब प्रधान आरक्षक से लेकर जांच अधिकारी तक सभी विवेचक घटना स्थल पर कागज और पेन की जगह टैब लेकर जाएंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत विवेचक घटना स्थल पर ही पंचनामा तैयार कर सकेंगे। साथ ही साक्षियों के बयान दर्ज कर, मौके की फोटो और वीडियो को भी तुरंत टैब के माध्यम से अपलोड किया जा सकेगा। घटना स्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों को भी सीधे सर्वर पर दर्ज किया जाएगा। पहले जहां सारी जानकारी कागज पर लिखकर थाने लाकर दोबारा कंप्यूटर में फीड करनी पड़ती थी, वह प्रक्रिया अब पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि प्रकरण भी तेजी से आगे बढ़ेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस डिजिटल प्रणाली से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी। सभी दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और उनके साथ छेड़छाड़ की संभावना भी नहीं रहेगी। सबसे अहम बात यह है कि चालान समय पर तैयार होकर कोर्ट में पेश किए जा सकेंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
यह पहल शासन के पेपरलैस पुलिसिंग और सीसीटीएनएस 2.0 अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। हालांकि इस नई व्यवस्था को लागू करने में कुछ शुरुआती चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या सबसे बड़ी बाधा है। पुलिस विभाग का कहना है कि इन समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा। सभी विवेचकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएंगा और नेटवर्क कवरेज वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
विभाग को उम्मीद है कि कुछ महीनों में यह प्रणाली जिले में पूरी तरह लागू हो जाएगी और इससे आम जनता को त्वरित न्याय मिलने में मदद मिलेगी। सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि अब कागज नहीं टैब बोलेगा। शहडोल पुलिस ने डिजिटल जांच शुरू कर दिया है। अभी 180 टैब मिले है और अभी इतने दिए जाएंगे। सभी विवेचकों को अब टैब ही काम करना होगा। थोड़ी चुनौतिया हैं, लेकिन धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी।







