श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरिया। पिछले महीने 16 मई को तेंदूपत्ता तोड़ने गई ममता यादव की टाइगर हमले में दर्दनाक मौत हो गई थी। परिवार अभी उस गहरे सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि बुधवार को एक और दुखद खबर ने पूरे घर को मातम में डुबो दिया।
ग्रामीणों ने उनका शव गमछे के फंदे पर लटका देखा
ममता यादव के जेठ और तीन भाइयों में सबसे बड़े तीरथ यादव (37 वर्ष) का शव अमरपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम देवगवा में एक आम के पेड़ से लटका मिला है। तीरथ यादव इन दिनों अपनी ससुराल ग्राम देवगवा में रह रहे थे।सुबह ग्रामीणों ने उनका शव गमछे के फंदे पर लटका देखा और अमरपुर पुलिस को सूचना दी।
प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है,हालांकि कारणों का खुलासा अभी नहीं हो सका है।
परिवार में घटनाओं का सिलसिला
कुछ समय पहले आर्थिक तंगी और परेशानियों से टूटकर परिवार के मुखिया कन्ना सिंह यादव ने आत्मघाती कदम उठाकर खुदकुशी कर जान दे दी। एक रात तेंदुए ने बाड़े में घुसकर उनके अधिकांश मवेशियों को मार डाला,जिससे परिवार बुरी तरह टूट गया।
दुखों की श्रृंखला में एक और दर्दनाक अध्याय
इसी बीच इस परिवार की बेटी गंभीर रूप से बीमार हुई और इलाज के दौरान जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उसकी भी मौत हो गई। कुछ समय बाद टाइगर के हमले में बहू ममता यादव की जान चली गई और अब बड़े बेटे तीरथ यादव की मौत ने इस दुखों की श्रृंखला में एक और दर्दनाक अध्याय जोड़ दिया।







