श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- सीहोर। देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले के तार अब सीहोर से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपित शुभम खैरनार कभी सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी का छात्र रहा है।
इस खुलासे के बाद जिले में भी मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट की परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के नाशिक निवासी डॉ. शुभम खैरनार को हिरासत में लिया है।
जांच एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं। बताया जा रहा है कि शुभम ने सीहोर की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद चिकित्सा (बीएएमएस) पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला: “2021 में लिया था प्रवेश, पर नहीं रहा नियमित”
मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आरोपी से दूरी बनाते हुए अपना पक्ष रखा है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकेश तिवारी का कहना है कि शुभम ने वर्ष 2021 में बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश जरूर लिया था, लेकिन इसके बाद वह कभी नियमित रूप से कॉलेज नहीं आया। कुलपति का कहना है कि शुभम किसी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ और न ही विश्वविद्यालय की किसी अन्य शैक्षणिक गतिविधि का हिस्सा रहा। शुभम के सीहोर से जुड़े शैक्षणिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और नेटवर्क की भी पड़ताल कर सकती हैं। हालांकि अभी तक सीहोर से किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हाईटेक तरीके से हुआ था पेपर लीक: स्कैनर का किया गया इस्तेमाल
जांच में पहले ही खुलासा हो चुका है कि नीट प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी कथित तौर पर नाशिक में तैयार की गई थी। आरोपियों ने मोबाइल फोटो की बजाय हाई-डेफिनिशन पोर्टेबल स्कैनर का इस्तेमाल किया, ताकि पेपर स्पष्ट रूप से सॉल्वर गैंग तक पहुंच सके।
मामले में टेलीग्राम ग्रुप्स और डिजिटल माध्यमों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल राजस्थान पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।







