श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुरः जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अब मानव और हाथियों के बीच होने वाले संघर्ष को रोकने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा विकसित गजरक्षक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अब ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी की जानकारी र्म पहले ही मिल जाएगी।
वन इंद्र मण्डलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने बताया कि यह ऐप हाथियों की रीयल-टाइम लोकेशन और उनके ति व्यवहार की निगरानी के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों और उनके ना जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस एप के बारे में बताया जैसे ही हाथी आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ेंगे, यह ऐप वनकर्मियों और क्षेत्र के पंजीकृत ग्रामीणों को एसएमएस, वायस काल और सायरन के माध्यम से तत्काल सचेत कर देगा।
ऐप के माध्यम से हाथियों के मूवमेंट की दिशा और सटीक लोकेशन देखी जा सकती है। इस डेटा की मदद से वन विभाग की टीम समय रहते हाथियों को सुरक्षित रास्ते पर मोड़ने या प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराने की कार्यवाही कर सकेगी। वन मण्डलाधिकारी ने अपील की है कि अधिक से अधिक ग्रामीण इस एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया है कि ग्रामीण ऐप से आने वाले किसी भी नोटिफिकेशन या अलर्ट को ब्लाक न करें। अक्सर सायरन या वॉयस काल को लोग सामान्य काल समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। यह ऐप आपकी और हाथियों, दोनों की सुरक्षा के लिए है।







