श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल में एक ठेकेदार ने जिला परिवहन अधिकारी पर 18 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान रोकने का आरोप लगाया है। ठेकेदार का दावा है कि उसने आरटीओ कार्यालय के साथ अधिकारी के निजी आवास पर भी काम किया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला। मामले में शिकायत कलेक्टर को दी गई है, जबकि RTO अधिकारी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
ठेकेदार का कहना है कि काम के दौरान जब भी उन्होंने भुगतान को लेकर बात की, तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि परेशान होने की जरूरत नहीं है और शासकीय मद से पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें यह भी कहा गया था कि विभाग में पर्याप्त बजट उपलब्ध है, इसलिए भुगतान में कोई दिक्कत नहीं होगी।
18 लाख से ज्यादा का भुगतान लंबित
शिवम गुप्ता के अनुसार, कार्यालय में किए गए कार्य का जीएसटी सहित 18 लाख 35 हजार 819 रुपये का बिल अब तक लंबित है। उन्होंने कहा कि कई बार संपर्क करने के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। अब स्थिति यह है कि संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
आमरण अनशन की चेतावनी
ठेकेदार ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो वह अपने परिवार सहित आरटीओ कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस शिकायत के बाद जिला परिवहन कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
RTO अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, जिला परिवहन अधिकारी अनपा खान ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह शिकायतकर्ता को जानती तक नहीं हैं। अनपा खान का कहना है कि कार्यालय में जो भी कार्य कराया गया, वह कुछ लोगों की मदद से कराया गया था और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं।







