श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुर जिले के शासकीय महाविद्यालय राजनगर में सार्थक ऐप के माध्यम से कथित फर्जी डिजिटल उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला फिर चर्चा में है। लंबे समय से चल रहे इस खेल ने अब गंभीर रूप ले लिया है और कई अतिथि विद्वानों पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार कुछ अतिथि विद्वान महाविद्यालय में उपस्थित हुए बिना ही अपने अथवा जिले से बाहर रहते हुए सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक कई परिस्थति ‘ओडी’ यानी ऑफिसियल ड्यूटी के नाम पर कालक से बाहर रहते थे, लेकिन उसी दौरान उनकी डिजिटल लोकेशन कार्यस्थल से अलग दिखाई देना संदेह पैदा कर रहा है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि संबंधित शिक्षक विश्वविद्यालय अथवा विभागीय कार्य से बाहर भेजे थे, तो उनकी लोकेशन किसी अन्य कसे दर्ज हुई। इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रभारी प्राचार्य के संरक्षण में यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही थी, जिससे संबंधित लोगों में जवाबदेही समाप्त हो गई थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल संबंधित अतिथि विद्वानों का भुगतान रोक दिया गया है। अग्रणी महाविद्यालय स्तर पर मामले की जांच जारी है।
जिन कर्मचारियों की लोकेशन कार्यक्षेत्र से बाहर पाई गई है, उनकी उपस्थिति काटने की कार्रवाई से बाहर पाई गई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है की जा रही ते हुए सार्थक ऐप पर उपस्थिति कैसे दर्ज की गई।







