श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- जिले के करकेली विकासखंड की ग्राम पंचायत कल्दा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक साथ चार छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कक्षा के दौरान उन्हें आंखों के आगे अंधेरा छाने, चक्कर आने और तेज घबराहट की शिकायत हुई। कुछ ही देर में स्कूल परिसर में यह चर्चा फैल गई कि बच्चियों ने किसी “साये” को देखने की बात कही है।
घटना की खबर फैलते ही स्कूल में दहशत का माहौल बन गया। अन्य छात्राएं भी सहम गईं और अभिभावकों तक बात पहुंचते ही चिंता बढ़ गई। कई परिजन तत्काल स्कूल पहुंचे और अपनी बच्चियों को घर ले गए। कुछ परिवार उन्हें स्थानीय देव स्थल भी ले गए, जहां पारंपरिक तरीके से झाड़-फूंक करवाई गई।
स्वास्थ्य टीम की प्राथमिक जांच
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची। डॉक्टरों ने छात्राओं की प्राथमिक जांच की और बताया कि शुरुआती लक्षण मानसिक दबाव, घबराहट या सामूहिक मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया से जुड़े हो सकते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस उम्र में परीक्षा, पढ़ाई या किसी अफवाह के कारण भी इस तरह की स्थिति बन सकती है। फिलहाल सभी छात्राओं की हालत सामान्य बताई जा रही है।
प्रशासन ने संभाली कमान
मामले का वीडियो सामने आने के बाद पाली की एसडीएम मीनाक्षी इंगले ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं करकेली के विकासखंड स्रोत समन्वयक विनय चतुर्वेदी ने जनशिक्षक को मौके पर पहुंचकर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए।
प्रशासनिक स्तर पर यह देखा जा रहा है कि घटना के दौरान स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए, स्वास्थ्य सहायता कितनी जल्दी उपलब्ध कराई गई और क्या किसी तरह की लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अफवाह बनाम वास्तविकता
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कुछ लोग इसे अलौकिक घटना मान रहे हैं तो कुछ इसे अफवाह बता रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना पुष्टि किसी भी तरह की बात फैलाने से बचें और वैज्ञानिक जांच पर भरोसा रखें।
फिलहाल विद्यालय में पढ़ाई आंशिक रूप से प्रभावित हुई है लेकिन निगरानी बढ़ा दी गई है। शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य टीम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह मामला अंधविश्वास का परिणाम था या फिर स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ी एक सामान्य लेकिन संवेदनशील घटना।









