श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- शहडोलः गर्भवती महिलाओं के लिए जिला अस्पताल में नीचे ही कोई स्थान तय करके जांच की व्यवस्था बनाइए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दीजिए। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए ब्लड बैंक की सीढ़ी चढ़ना ठीक नहीं हैं। पंखों की सफाई क्यों नहीं कराई जा रही है। क्या नियमित सुविधाओं को देखने के लिए अस्पताल में राउंड नहीं करती हैं। प्रोटोकाल के अनुसार सफाई होनी चाहिए और जैसी व्यवस्था आज दिखा रही हैं, हमेशा रहनी चाहिए। यह बात निरीक्षण के दौरान भोपाल से आए कायाकल्प टीम के स्टेट कंसल्टेंट डाः विवेक मिश्रा ने जिला अस्पताल प्रबंधक पूजी सोनी से कही।
इस मौके पर सिविल सर्जन डा. शिल्पी सराफ और आरएमओ डा. पुनीत श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी – उपस्थित रहे। बुधवार की सुबह 11 र बजे कायाकल्प की टीम जिला अस्पताल पहुंची और 3.15 बजे तक एक-एक सुविधा का निरीक्षण किया। जहां कमी मिली उसके फटकार भी लगाई और प्रबंधन को सुधार करने के लिए कहा।
जिला अस्पताल के बाहर परिसर का निरीक्षण करते हुए टीम वार्डों में गई और आपरेशन थियेटर में जाकर वहां की सुविधाओं का निरीक्षण किया। सफाई कर्मचारियों वे वहीं सवाल किए कि किस तरह सफाई करते हैं और प्रोटोकाल की जानकारी है कि नहीं। अनेक सवालों के जवाब कर्मचारियों ने ठीक दिया और कई के सवाल देते समय गोलमोल करते रहे। इससे प्रबंधन की खामियां भी सामने आई, जिसको लेकर टीम ने सतर्क भी किया।
दंवा भंडार कक्ष, किचन, सहित सभी सुविधाओं को टीम ने देखा और जहां कमियां मिली उन पर सवाल किए, जिसका जवाब सिविल सर्जन, आरएमओ और प्रबंध देते रहे। लगभग तीन सवा घंटे तक निरीक्षण में कायाकल्प के सभी मापदंडों का निरीक्षण किया गया। टीम के आने की खबर से एक दिन पहले मंगलवार से जिला अस्पताल का अमला सक्रिय हो गया था जो अधिकारी-कर्मचारी कभी कभी कभी निर्धारित ड्रेस में काम करतें ही
नहीं दिखते थे, वे ड्रेस में प्रोटोकाल के अनुसार तैयार थे। सभी अपनी जिम्मेदारी के काम को ठीक कर रहे थे। खासकर सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। जिला अस्पताल के परिसर व मुख्य द्वार पर ही ऐसा लग रहा था कि आज कुछ विशेष हो रहा है। यह देखकर कई मरीज व उनके परिजन कह रहे थे कि इसी तरह रोज निरीक्षण हो तो समय पर सभी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
निरीक्षण दल में डा. विवेक मिश्रा, बन डा. नीरज निगम और कीति प्रमुख रूप क से शामिल रहीं। तीनों अधिकारियों ने क अस्पताल परिसर का बारीकी से 1 निरीक्षण किया और छत में जाकर पानीए टंकी को भी देखा। इसके बाद जहां जरूरी रहा, सुधार का सुझाव दिया है। कायाकल्प में अच्छे नंबर मिलने के बाद यदि ग्रेडिंग मिलती है तो सुविधाओं के लिए अलग से बजट मिलता है। सभी सुविधाओं के निरीक्षण के बाद टीम नंबरिंग करती है। इसीलिए टीम के आने से पहले उन सुविधाओं पर विशेष काम किया गया है, जिन्हें टीम के सदस्य प्राथमिकता से देखकर गए है, इसमें सफाई प्राथमिकता रही है।









