श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावों के बीच घुंघुटी उप स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल तस्वीर स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर रही है। यहां जर्जर भवन की छत से पानी टपक रहा है, कमरे पानी से भरे हैं और प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को सुरक्षित जगह तक नसीब नहीं हो रही। इसी अव्यवस्था के बीच तुमी निवासी द्रोपदी यादव ने बच्चे को जन्म दिया।
द्रोपदी यादव के मुताबिक वह प्रसव पीड़ा के चलते रात करीब 11 बजे उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, लेकिन वहां पहुंचने के बाद राहत के बजाय परेशानी उनका इंतजार कर रही थी। कमरे में चारों तरफ पानी भरा था। छोटे बच्चे को लेकर उन्हें पूरी रात बैठकर गुजारनी पड़ी। बारिश और पानी के बीच रातभर वह परेशान होती रही। सुबह जब प्रसव का समय आया तो कमरे के एक कोने में किसी तरह जगह बनाकर उनका प्रसव कराया गया।
द्रोपदी यादव ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र में चारों तरफ पानी भर गया था। छोटे बच्चे को लेकर पूरी रात बैठकर गुजारनी पड़ी। पूरे कमरे में पानी ही पानी था और रातभर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली कोई नई बात नहीं है। भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है और बारिश होते ही छत से पानी टपकने लगता है। परिसर के आंगन से लेकर सड़क तक काई जमी होने से फिसलने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे हालात में मरीजों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधा लेने के लिए भी जोखिम उठाना पड़ रहा है
ग्रामीणों के अनुसार केंद्र में डॉक्टर और एएनएम की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में यदि महिला को सुरक्षित कमरा और जरूरी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिले तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिम्मेदार अधिकारी ने फोन नहीं उठाया
मामले को लेकर जब पाली बीएमओ पुट्टू लाल सागर से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे व्यवस्था को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।












