श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल कोतवाली पुलिस ने परिजनों की सूचना पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। यदि अस्पताल प्रबंधन या किसी अन्य की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिंहपुर थाना क्षेत्र में विद्युत टावर निर्माण कार्य के दौरान घायल हुए एक ठेका कर्मी की 13 दिन बाद निजी अस्पताल में मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदार ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव परिजनों के साथ बिहार रवाना कर दिया। परिजनों के हस्तक्षेप के बाद शव बनारस से वापस शहडोल लाया गया, जहां कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शनिवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
जानकारी के अनुसार सिंहपुर थाना क्षेत्र के पठरा गांव में आरएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की ओर से विद्युत टावर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। बिहार निवासी 39 वर्षीय ठेका कर्मी अनोज सिंह पिता प्रकाश सिंह 3 जुलाई को काम के दौरान टावर से नीचे गिर गए थे। हादसे में उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गईं। ठेकेदार उन्हें उपचार के लिए विचारपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां 16 जुलाई तक इलाज चला। इसी दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के चाचा रंजीत सिंह का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को घटना और मौत की सूचना नहीं दी तथा ठेकेदार के साथ मिलकर बिना पोस्टमार्टम शव बिहार भेज दिया। उनका कहना है कि बनारस पहुंचने पर उन्होंने परिजनों को समझाया कि बिना पोस्टमार्टम शव ले जाना उचित नहीं है। इसके बाद शव वापस शहडोल लाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भीषण गर्मी में शव को बिना पर्याप्त बर्फ के वाहन से भेजा गया।
जांच के बाद होगी कार्रवाई







