श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दतिया उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की लगातार हार उसके नेताओं की अमर्यादित भाषा का परिणाम है। उन्होंने जीतू पटवारी के दावों को खारिज किया। वहीं, फर्जी डॉक्टर मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और विभागीय जांच का भरोसा दिया।
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शहडोल प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के हालिया बयानों को पार्टी की निराशा और लगातार चुनावी हार की खीझ का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी लगातार चुनावी पराजयों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी जीत-हार सामान्य प्रक्रिया है। जनप्रतिनिधि जनता के बीच काम करता है और परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अमर्यादित और विवादित भाषा ही पार्टी के लगातार कमजोर होने का प्रमुख कारण बनी है। ऐसे बयान जनता को पसंद नहीं आते और यही कांग्रेस के पतन की वजह है। बता दें कि बकांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नरोत्तम मिश्रा पर दिए बयान में नरोत्तम मिश्रा को रावण का दर्जा दिया गया और उन्हें अत्याचारी बताया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के दावे पर भी उपमुख्यमंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन परिणाम आने के बाद जनता का फैसला कुछ और ही होता है। पार्टी को अपनी लगातार हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। भाजपा नेता संजय पाठक से जुड़े हाईकोर्ट मामले और दतिया उपचुनाव में उनकी भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर राजेंद्र शुक्ल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर संजय पाठक स्वयं बेहतर जवाब दे सकते हैं।
इस दौरान शहडोल जिले के उफरी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कथित फर्जी डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा के मामले पर भी उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, सेवा समाप्ति, वेतन वसूली और अन्य विभागीय कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की डिजिटल एवं आधुनिक निगरानी व्यवस्था के कारण ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है, जिससे दोषियों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।







