श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- बंगवारः जिले के सोहागपुर जनपद की ग्राम पंचायत बेम्हौरी में आंगनबाड़ी से शांति धाम रामसागर की मेढ़ तक बनी ग्रेवल सड़क की पुलिया पहली ही बारिश में बर चारों ओर से चटक गई। निर्माण के महज 15-20 दिन बाद आई चौड़ी दरारों से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि एक-दो दिन तेज बारिश हुई तो पुलिया बह जाएगी और पूरा मार्ग ठप हो जाएगा।
एक माह पहले ही ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन में घटिया निर्माण की शिकायत की थी। जांच में पहुंचे तत्कालीन सीईओ गैलेक्सी नागपुर व इंजीनियर छत्रपाल कुशवाहा ने मौके पर दरारयुक्त कंक्रीट पाइप और अधूरा काम देखने के बावजूद सड़क-पुलिया की 100 प्रतिशत मजबूती की गारंटी दी थी। अब बारिश में पुलिया के चटकने से उनके दावे पर सवाल उठ गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पहले स्वीकृत कार्य की राशि बिलों से आहरित कर ली गई थी, लेकिन काम अधूरा था। शिकायत के बाद जल्दबाजी में पुराने, दरार वाले पाइप लगाकर औपचारिकता निभाई गई। रातों-रात दरारों को सीमेंट से भरने का भी आरोप है। प्राक्कलन में 950 मीटर लंबी, 3 मीटर चौड़ी सड़क, 20 सेमी मोटाई, दोनों ओर 1.70 मीटर पटरी और दो पुलिया प्रस्तावित थीं, पर मौके पर एक ही पुलिया मिली।
यहां 55 एकड़ का तालाब और सैकड़ों एकड़ खेत हैं। बारिश का पानी इसी रास्ते. तालाब में जाता है, इसलिए दो पुलिया जरूरी थीं। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव तुलसीदास सिंह पर ठेकेदारी प्रथा से काम कराने और पुराने फंड के बंदरबांट का आरोप लगाया। सचिव ने कहा कि मौके पर इंजीनियर नहीं थे, एस्टीमेट के अनुसार काम हुआ, कमी होगी तो इंजीनियर जानें।
ग्रामीणों ने स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच, एमबी, प्राक्कलन, भुगतान व गुणवत्ता रिपोर्ट की पड़ताल कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला है।







