श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः संभागीय मुख्यालय के बुढ़ार रोड इंदिरा चौक से बस स्टैंड बलपुरवा रोड दीनदयाल चौक तक बन रही 6 करोड़ की लागत की माडल रोड का रास्ता साफ करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सड़क चौड़ीकरण में बाधक बने आधा सैकड़ा से अधिक अतिक्रमण हटाने के बाद अब वैध मकानों को अवैध बताकर तोड़ने के आरोपों की जांच के लिए कलेक्टर ने संयुक्त सीमांकन दल गठित कर दिया है।
जिला व्यापारी संघ की शिकायत के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डा. केदार सिंह ने 29 जून को आदेश जारी कर अपर तहसीलदार सोहागपुर दीपक पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय सीमांकन दल बनाया। दल में राजस्व निरीक्षक जीवेन्द्र सिंह, सोहागपुर, राजस्व निरीक्षक जीवन लाल पनिका बुढ़ार, पटवारी राम नरेश सिंह हल्का शहडोल, पटवारी कुलदीप सिंह हल्का सोहागपुर, पटवारी सुजीत श्रीवास्तव हल्का छाता, पटवारी दीपक पटेल, हल्का खोल्हाड़ और पटवारी नरेन्द्र सिंह, हल्का कोटमा शामिल रहे।
यह दल 30 जून को सुबह 11 बजे से मौके पर पहुंचा और इंदिरा चौक से बस स्टैंड तक सड़क किनारे बने मकानों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की भूमि का सीमांकन और सत्यापन किया। सीमांकन के दौरान व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। एक दिन में ही कार्रवाई पूरी कर प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपना था, लेकिन बारिश और व्यापारियों व मकान मालिकों की दखल के बीच देर शाम तक कार्रवाई चलती रही।
मौके पर व्यापारियों में अलग-अलग राय रही। कोई कह रहा था कि 18 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के हिसाब से नाप नहीं होनी चाहिए तो कई का कहना था कि 18 मीटर की ही सड़क बने और जिन लोगों को बचाया जा रहा है, उनके भी मकान-दुकान तोड़े जाएं। संबंधित भवन मालिकों को खसरा, बी-1, स्वीकृत नक्शा, रजिस्ट्री जैसे दस्तावेज लेकर मौके पर बुलाया गया, लेकिन अधिकांश के पास दस्तावेज नहीं मिले। टीम 18 मीटर चौड़ी सड़क के हिसाब से सीमांकन करती रही।
कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मालिकों के अनुपस्थित रहने पर एकतरफा सीमांकन कर दिया जाएगा और बाद में कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी। दरअसल, नगरपालिका द्वारा माडल रोड निर्माण के लिए सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है।
इस दौरान आधा सैकड़ा से ज्यादा अस्थायी और पक्के अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। व्यापारी संघ का आरोप है कि कई वैध निर्माण को भी अवैध बताकर तोड़ा गया है और एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए गरीब व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया गया है। संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
अब सीमांकन दल की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि कौन सा निर्माण वैध है और कौन अवैध। सीमांकन के दौरान व्याप्तारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता, उपाध्यक्ष अनिल रोहरा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे और तहसीलदार से सीमांकन को लेकर बातचीत करते रहे। वहीं कई व्यापारी जिनकी दुकानें टूटने की कगार पर हैं, वे तहसीलदार से हाथ जोड़कर गुहार लगाते नजर आए कि उनका नुकसान न किया जाए।
उनका कहना था कि जितनी जगह खाली है, उसी में सड़क बनाई जाए। मंगलवार को तोड़-फोड़ और मलबा हटाने का काम रोककर पुलिस की सुरक्षा में सीमांकन किया गया। नगरपालिका की टीम भी तहसीलदार की टीम के साथ मौके पर मौजूद रही। 6 करोड़ की इस माडल रोड को शहर की सबसे आधुनिक सड़क के रूप में विकसित किया जाना है, लेकिन अतिक्रमण और विवाद के चलते काम को रफ्तार धीमी थी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अब रोड निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है।







