श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिला अस्पताल शहडोल में वर्तमान में दिन रात में मिलाकर कुल 24 सुरक्षा गार्ड ही डयूटी करते हैं। इनमें से दिन में 16 और रात में 8 सुरक्षा गार्ड अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह अलग बात है कि रात के समय एक गनमैन भी यहां पर सुरक्षा में तैनात रहता है लेकिन यह संख्या किसी – तरह से पर्याप्त नहीं है। अभी यहां पर 10 सुरक्षा गार्ड की और आवश्यकता है।
जिला अस्पताल के अंदर रात के समय एक गनमैन के सहारे पूरे अस्पताल को कवर किया जा रहा है। रात में डयूटी देने वाले बाकी सुरक्षा गार्ड अस्पताल के वार्ड में कहीं नजर नहीं आते हैं। यानी यह कहीं दरी बिछाकर कर सोए रहते हैं। गनमैन के अलावा रात को आठ और सुरक्षा गार्ड यहां पर तैनात रहते हैं लेकिन अगर अचानक कभी निरीक्षण किया जाए तो यह आपको गायब मिलेंगे। यही कारण है कि रात के समय यहां कई बार स्टाफ के साथ अभद्रता हो जाती है और बाद में सुबह इसका पता चलता है।
उल्लेखनीय है कि अगर वार्ड में कुछ घटना स्टाफ के साथ घटित हो तो गेट पर तैनात गनमैन गेट छोड़कर जाए तो यहां पर कौन रहे। अगर वह गेट को छोड़कर वार्ड तक जाता भी है तो तब तक तो घटना हो ही जाएगी। जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए लगातार उन बिंदुओं पर प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन को ध्यान देना बेहद जरूरी है जो यहां के महिला स्टाफ की सुरक्षा से जुडे हुए हैं।







