श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली एएनएम ने गुरुवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन के बैनर तले एएनएम कलेक्ट्रेट पहुंचीं और 15 दिन में मांगें पूरी न होने पर काम बंद कर आंदोलन की चेतावनी दी।
एएनएम का कहना है कि वे 1950 से स्वास्थ्य विभाग का सबसे पुराना कैडर हैं। पोलियो उन्मूलन से लेकर कोविड टीकाकरण तक, हर बड़ी सफलता के पीछे एएनएम का हाथ है। दुर्गम पहाड़ी और जनजातीय इलाकों में डिलेवरी से लेकर टीकाकरण तक का 100 प्रतिशत काम एएनएम ही करती हैं। लेकिन अब हालात ये हैं कि शासन की गाइडलाइन के उलट एक-एक एएनएम छह से नौ9 हजार की आबादी संभाल रही है,
जबकि नियम-2 से 3 हजार का है। यानी दोगुना-तिगुना काम, पर सुविधाएं जीरो। प्रदर्शन कर रहीं एएनएम ने सबसे ज्यादा नाराजगी सीएचओ को मिलने वाली 15,000 रुपये प्रतिमाह पीबीआइ पर जताई।
एएनएम का आरोप है कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य का पूरा ग्राउंड वर्क एएनएम करती हैं, लक्ष्य पूरा न होने पर कार्रवाई भी उन्हीं पर होती है, पर प्रोत्साहन राशि सीएचओ और आशा को मिल जाती है। इसी तरह आयुष्मान आरोग्य मंदिर का 50 हजार रुपये का अनटाइड फंड जन आरोग्य समिति को चला जाता है, जबकि गर्भवती जांच का सामान एएनएम को अपनी, जेब से खरीदना पड़ता है। संविदा पर काम कर रहीं एएनएम ने नियमितीकरण की मांग उठाई।







