श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरिया। वन्यजीवों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अब केवल बाघों की धरती के रूप में ही नहीं, बल्कि पक्षी पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां मौजूद पक्षियों की विविधता को देखते हुए बर्ड वाचिंग की संभावनाओं पर काम शुरू किया गया है।
मुंबई की अतावी बर्ड फाउंडेशन की अक्षिता महापात्र ने बताया कि संस्था जल्द ही बांधवगढ़ में बर्ड वाचिंग शुरू कराएगी। इसके लिए क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को करीब से देख सकें।
पक्षियों की 320 से अधिक प्रजातियां मौजूद
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि बांधवगढ़ क्षेत्र में पक्षियों की 320 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जो इसे पक्षी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान बनाती हैं। यहां जंगल, जलस्रोत, घास के मैदान और प्राकृतिक आवास पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हैं। बर्ड वाचिंग के माध्यम से पर्यटकों को वन्यजीव पर्यटन के एक नए अनुभव से जोड़ने की योजना है।
मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत
अक्षिता महापात्र ने बताया कि देशभर में पाई जाने वाली पक्षियों की कुल संख्या में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। प्रदेश के जंगल, नदियां, तालाब और जैव विविधता वाले क्षेत्र पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल हैं।
इसी संभावना को देखते हुए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) भी बांधवगढ़ में बर्ड वाचिंग को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पर्यटकों के लिए बायनाकुलर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
600 से अधिक बर्ड वॉक का अनुभव
उन्होंने बताया कि अतावी बर्ड फाउंडेशन अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में 600 से अधिक बर्ड वॉक आयोजित कर चुका है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को पक्षियों के संरक्षण, उनकी पहचान और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व से जोड़ना है। बांधवगढ़ में भी इसी मॉडल को अपनाकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पक्षियों की दुनिया से परिचित कराया जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
बांधवगढ़ में बर्ड वाचिंग शुरू होने से पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है। अभी तक पर्यटक यहां मुख्य रूप से बाघ दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन पक्षियों की समृद्ध विविधता को सामने लाने से पर्यटन का दायरा बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और शोधकर्ताओं के लिए बांधवगढ़ एक आकर्षक गंतव्य बन सकता है। बांधवगढ़ की पहचान अब जंगल के राजा बाघ के साथ-साथ रंग-बिरंगे पक्षियों के संसार के रूप में भी स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। आने वाले समय में बर्ड वाचिंग यहां के पर्यटन को नई दिशा दे सकती है।







