SUBSCRIBE NOW

Home » जिला समाचार » शहडोल पुलिस का कारनामा, जिस थाने में दो दिन पहले दर्ज हुई थी मिसिंग की रिपोर्ट; उन्हीं ने लावारिस शव समझ दफना दिया

शहडोल पुलिस का कारनामा, जिस थाने में दो दिन पहले दर्ज हुई थी मिसिंग की रिपोर्ट; उन्हीं ने लावारिस शव समझ दफना दिया

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  शहडोल। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सब्जी मंडी वार्ड 9/12 निवासी रमेश सराफ पुत्र स्व. रामकुमार सराफ के लापता होने और बाद में उनका शव लावारिस समझकर दफना दिए जाने से आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

स्वजनों के अनुसार रमेश 6 जून से लापता थे। तलाश के बाद 7 जून को कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। आरोप है कि 8 जून को कोतवाली से कुछ ही दूरी पर मुड़ना नदी के पास एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने पहचान के पर्याप्त प्रयास नहीं किए और शव को लावारिस मानकर आकाशवाणी केंद्र के पास श्मशान में दफना दिया।

जेसीबी से शव खोदकर बाहर निकाला

कई दिनों तक तलाश के बाद परिजनों को संदेह हुआ कि दफनाया गया शव रमेश का हो सकता है। प्रशासन से शिकायत पर अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से शव बाहर निकाला गया। पहचान रमेश सराफ के रूप में हुई, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया।

परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है

परिजनों का आरोप है कि समय पर मिलान होता तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने हत्या की आशंका भी जताई है। कहा कि शरीर काला पड़ गया था, जिससे हत्या का संदेह है। घटना के बाद सराफ परिवार में शोक और आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि गुमशुदगी के बाद बरामद शवों का मिलान अनिवार्य है। अब जांच के नतीजे और कार्रवाई का इंतजार है।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

READ MORE

Join Us