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बांधवगढ़ में रोमांच और दहशत का सामना: बाघिन ‘रॉ’ ने सफारी वाहन के सामने दिखाए तेवर, बढ़ी जिप्सी की ओर

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को रोमांच और भय का अनोखा अनुभव देखने को मिला। खितौली जोन में सफारी के दौरान चर्चित बाघिन ‘रॉ’ अचानक पर्यटकों की जिप्सी के सामने आ गई और आक्रामक व्यवहार दिखाने लगी। बाघिन के तेवर इतने उग्र थे कि कुछ क्षणों के लिए वाहन में सवार पर्यटकों की सांसें थम गईं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

खितौली जोन में अचानक सामने आई बाघिन

जानकारी के अनुसार यह घटना खितौली जोन के हाथी कैंप के पास की है। सुबह की सफारी के दौरान पर्यटक जंगल भ्रमण का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान करीब छह वर्ष की चर्चित बाघिन ‘रॉ’ अचानक जंगल से निकलकर सफारी वाहन के सामने आ गई। वाहन को देखते ही बाघिन ने तेज दहाड़ लगाई और कुछ कदम तेजी से जिप्सी की ओर बढ़ी। उसके आक्रामक तेवर देखकर वाहन में बैठे पर्यटक सहम गए और माहौल में कुछ देर के लिए तनाव पैदा हो गया।

चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सफारी वाहन के चालक ने तुरंत सतर्कता दिखाई और जिप्सी को पीछे कर लिया। चालक की समझदारी और त्वरित निर्णय के कारण किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघिन कुछ समय तक सड़क पर खड़ी रही और लगातार दहाड़ती रही। इसके बाद वह धीरे-धीरे जंगल की ओर लौट गई, जिससे पर्यटकों ने राहत की सांस ली।

पर्यटकों ने कैमरे में कैद किया पूरा घटनाक्रम

घटना के दौरान मौजूद पर्यटकों ने बाघिन के आक्रामक व्यवहार का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में बाघिन का उग्र और चेतावनी भरा अंदाज साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने इसे जंगल के वास्तविक और रोमांचक अनुभव का हिस्सा बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे वन्यजीवों के क्षेत्र में सतर्कता बरतने की अहम सीख माना।

कौन है चर्चित बाघिन ‘रॉ’?

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ‘रॉ’ खितौली क्षेत्र की प्रमुख और चर्चित बाघिनों में से एक है। उसके आगे के पैर पर अंग्रेजी अक्षर ‘R’ जैसा निशान बना हुआ है, जिसके कारण उसका नाम ‘रॉ’ रखा गया है। बाघिन लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय है और अपने आक्रामक स्वभाव के कारण पहले भी कई बार सुर्खियों में रह चुकी है। जंगल में उसकी मजबूत मौजूदगी और क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञ भी उसे विशेष रूप से पहचानते हैं।

क्या कहते हैं वन्यजीव विशेषज्ञ?

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ और बाघिन अपने क्षेत्र को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं। जब उन्हें अपने इलाके में किसी बाहरी गतिविधि या संभावित खतरे का आभास होता है, तो वे दहाड़कर या आक्रामक मुद्रा अपनाकर चेतावनी देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह उनके प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है और जंगल में इस तरह की प्रतिक्रियाएं सामान्य मानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि सफारी के दौरान पर्यटकों को हमेशा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।

जंगल का असली मालिक कौन, फिर याद दिलाया ‘रॉ’ ने

हालांकि इस घटना में किसी भी पर्यटक को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन बाघिन ‘रॉ’ के आक्रामक तेवरों ने एक बार फिर यह संदेश दे दिया कि जंगल का वास्तविक मालिक वन्यजीव ही हैं। उनके क्षेत्र में प्रवेश करते समय सतर्कता, अनुशासन और वन विभाग के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। खितौली जोन में हुई इस घटना ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया, वहीं बाघिन ‘रॉ’ के उग्र अंदाज ने जंगल की शक्ति और वन्यजीवों के स्वाभाविक व्यवहार का जीवंत उदाहरण भी पेश किया।

Shreya News
Author: Shreya News

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