श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जनजातीय कार्य विभाग के उपायुक्त जेपी यादव ने संभाग के विशेष आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर शिक्षा और छात्रावास व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों की पहचान अब सिर्फ बोर्ड रिजल्ट से नहीं होगी। विद्यार्थियों का अनुशासन, प्रतिभा और जेई, नीट और क्लैट जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता ही असली पहचान बनेगी। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में ऐसा माहौल तैयार हो जहां बच्चे बड़ी परीक्षाओं के लिए तैयार हो सकें।
इसके लिए विशेष अध्ययन योजना बनाई जाए। बच्चों को नियमित मार्गदर्शन और अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाए। शिक्षकों और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उत्कृष्ट परिणाम लाए जाएं। उन्होंने हर विद्यालय में वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर बनाकर उसका सख्ती से पालन करने को कहा। प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य संसाधनों का नियमित उपयोग हो।
छात्रावासों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, साफ-सफाई और सुरक्षित माहौल पहली प्राथमिकता रहे। नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य जांच और सीसीटीवी से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की प्रगति और समस्याओं की जानकारी के लिए पालकों से लगातार संवाद रखा जाए। इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार की भागीदारी भी बढ़ेगी। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, माता सबरी कन्या शिक्षा परिसर, आदर्श उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय और ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के प्राचार्य मौजूद रहे।







