श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जनजातीय कार्य विभाग की अतिसंकटापन्न जनजाति सहायता योजना के क्रियान्वयन में शहडोल जिले ने पूरे प्रदेश के सामने मिसाल पेश की है। ‘पहले राहत फिर कागज की नीति अपनाकर जिला प्रशासन ने तीन वित्तीय वर्षों में 66 जरूरतमंद परिवारों को कुल पांच लाख 62 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई है।
इस माडल की प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और आयुक्त ने भी सराहना की है। योजना के तहत 2023-24 से 2025-26 तक 52 आदिवासी और 14 दलित परिवार लाभान्वित हुए। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 26 परिवारों को 1 लाख 99 हजार रुपये, 2024-25 में 24 परिवारों को 2 लाख 03 हजार रुपये और 2025-26 में अब तक 16 परिवारों को 1 लाख 60 हजार रुपये की राहत राशि दी गई।
अतिसंकटापन्न योजना का उद्देश्य ऐसे आदिवासी और दलित परिवारों को क तुरंत आर्थिक मदद देना है जो निर्धनता, अचानक हादसे, गंभीर बीमारी या परिवार के मुखिया की मृत्यु के कारण संकट में आ जाते हैं। आमतौर पर शासकीय योजनाओं में पहले दस्तावेज जुटाने में समय लगता है। शहडोल प्रशासन ने इस प्रक्रिया को उलट दिया। यहां पहले पीड़ित परिवार को मौके पर * राहत राशि दी जाती है। उसके बाद जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की जाती है। इससे संकट के समय परिवार को तत्काल सहारा मिल जाता है।
कैसे काम कर रहा है माडलः ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या स्थानीय जनप्रतिनिधि से सूचना मिलते ही सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग की टीम सक्रिय होती है। राजस्व और पंचायत अमले के साथ मिलकर 24 घंटे के भीतर मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन होते ही स्वीकृति आदेश जारी कर आरटीजीएस या नकद के रूप में 8 से 10 हजार रुपये तक की तत्काल सहायता दी जाती है। राहत के बाद परिवार से आधार, समग्र आइडी, मृत्यु या बीमारी प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज लिए जाते हैं। योजना से बैगा, कोल, गोंड आदिवासी परिवारों के साथ अनुसूचित जाति के निर्धन परिवारों को मदद मिली है। ब्यौहारी के एक बैगा परिवार को मुखिया की सर्पदंश से मौत पर, जैतपुर में गंभीर बीमारी से पीड़ित परिवार को और गोहपारू में आगजनी से बेघर हुए दलित परिवार को इसी योजना से तुरंत राहत दी गई।
पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारीः कलेक्टर डा. केदार सिंह के अनुसार इस व्यवस्था से जरूरतमंद को भटकना नहीं पड़ता। पहले कई बार कागज पूरे करने में महीनों लग जाते थे। अब संकट के समय 24 से 48 घंटे में मदद पहुंच रही है। इससे योजना का मूल उद्देश्य पूरा हो रहा है। मंत्री विजय शाह ने कहा कि शहडोल का माडल अन्य जिलों के लिए नजीर है। इसे पूरे प्रदेश में लागू करने पर विचार किया जा रहा है। –







