श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिला अस्पताल हुई लापरवाही व समय पर इलाज न मिलने के कारण एक महिला के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित स्वजन ने जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, की मांग किया है।
शकायत में जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम झींकबिजुरी निवासी मो. इजहारुल मंसूरी ने आरोप लगया है कि उन्होंने अपनी बहू कनीज फातिमा को डिलीवरी के लिए 18 मई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डाक्टरों ने कहा था कि 19 मई को आपरेशन के जरिए प्रसव कराया जाएगा। सुबह करीब नौ से 10 बजे के बीच महिला को आपरेशन थिएटर में भी ले जाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद डाक्टरों ने यह कहकर बाहर कर दिया कि महिला का प्लेटलेट काउंट केवल 65,000 है, इसलिए अभी आपरेशन नहीं हो सकता।
इसके बाद अस्पताल के बाहर महिला का ब्लड सैंपल लेकर एक निजी पैथोलाजी लैब से सीबीसी जांच कराई गई। शाम करीब छह-सात बजे आई रिपोर्ट में प्लेटलेट काउंट 1.2 लाख आया, जिसे लेकर स्वजन तुरंत अस्पताल की ड्यूटी नर्स के पास पहुंचे। नर्स ने सब ठीक बताते हुए कहा कि फिलहाल कोई डाक्टर उपलब्ध नहीं है, इसलिए आपरेशन 20 मई को होगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 19 मई की रात करीब एक बजे से प्रसूता कनीज फातिमा को पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हुआ। स्वजन ने ड्यूटी नर्स को इसकी जानकारी दी। नर्स ने मरीज की जांच करने के बाद तुरंत संबंधित डाक्टर को फोन पर सूचना दिया। आरोप है कि फोन किए जाने के बावजूद डाक्टरों को अस्पताल पहुंचने में पांच घंटे का लंबा समय लगा। इसके बाद 20 मई को महिला का आपरेशन किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और शिशु ने पेट के अंदर ही दम तोड़ दिया। पीड़ित स्वजन ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सौंपे गए पत्र में डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।







