श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- धनपुरीः शहर के अंदर से होकर निकला रीवा. अमरकंटक मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाली, धूल और जानलेवा गड्ढों का ऐसा प्रतीक बन -चुका है, जहां हर गुजरता वाहन और हर राहगीर अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर है। करोड़ों रुपए का कोयला ढोने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग अब विकास का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। सड़क्र की हालत इतनी भयावह हो चुकी है कि स्थानीय लोग यहां से होकर निकलने में डरते हैं।
बगहिया पुल से लेकर अमलाई ओपन कास्ट माइंस गेट तक सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कहीं सड़क उखड़ी हुई है तो कहीं कीचड़ और धूल का ऐसा साम्राज्य है कि वाहन चलाना किसी जंग लड़ने से कम नहीं लगता। भारी वाहनों और ओवरलोड कोयला ट्रकों की लगातार आवाजाही ने सड़क की कमर तोड़ दी है। हालत यह है कि दिन के उजाले में भी धूल का गुबार इतना घना रहता है कि सामने से आने वाला वाहन तक दिखाई नहीं देता।
लोगों का आरोप है कि एसईसीएल सोहागपुर एरिया से दिन. रात कोयले का परिवहन करने वाले ट्रकों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। हजारों टन कोयला निकालकर करोड़ों रुपये का राजस्व कमाने वाली एजेंसियां सड़क सुधार के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही हैं। सड़क पर पानी छिड़काव की व्यवस्था लगभग नदारद है, जिससे उड़ती धूल लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
सड़क किनारे रहने वाले परिवार धूल प्रदूषण की मार झेलने को मजबूर हैं। लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां आए दिन बाइक चालक गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं, छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग मानो गहरी नींद में सोए हुए हैं
अब जनता का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण, गड्ढों की मरम्मत और धूल नियंत्रण के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।







