पोते की मौत का सदमा दादी नहीं सह सकीं
परिजनों के अनुसार आर्यभान की मौत का सबसे ज्यादा असर उसकी दादी कमला सिसौदिया पर पड़ा। जैसे ही उन्हें पोते की मौत की जानकारी मिली, वह गहरे सदमे में चली गईं। कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। कमला सिसौदिया प्रदीप सिंह, मनोज सिंह सिसौदिया उर्फ बंटी और धर्मेंद्र सिंह की मां थीं।
24 घंटे में दो मौतों से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार में 24 घंटे के भीतर बेटे और मां की मौत से परिजन पूरी तरह टूट गए हैं। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटे लुहारपुरा इलाके में भी शोक का माहौल बना हुआ है। आसपास के लोग और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
आर्यभान का अंतिम संस्कार एक दिन पहले किया गया था, जबकि बाद में उसकी दादी का अंतिम संस्कार भी किया गया।







