श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर। शहर में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर अपराधियों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर झांसा देकर, मोबाइल फोन हैक कर और फर्जी लिंक भेजकर चार लोगों से कुल 16 लाख 48 हजार 868 रुपये की ठगी कर ली।
शादी के कार्ड के लिंक से फोन हुआ हैक
मदन महल थाना क्षेत्र के अग्रवाल कालोनी निवासी गौरव जैन (42) पीओपी दुकान संचालित करते हैं। उनके फोन पर परिचित वीरेंद्र चौबे के नंबर से शादी का कार्ड भेजा गया था। कार्ड खोलते ही उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से एक लाख 50 हजार 54 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए गए। आशंका है कि साइबर अपराधियों ने फर्जी लिंक के जरिए मोबाइल की जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम दिया।
लोको पायलट के खाते से उड़ाए रुपये
घमापुर थाना क्षेत्र के गोपाल होटल निवासी प्रवीण कुमार रैकवार रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट हैं। साइबर ठगों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया। इसके बाद तीन मई की सुबह उनके एसबीआई रांझी स्थित खाते से 96 हजार 888 रुपये और पीएनबी बाई का बगीचा शाखा के खाते से 50 हजार रुपये आनलाइन दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। अगले दिन फिर उनके एसबीआई खाते से 96 हजार 888 रुपये निकाल लिए गए। लगातार रकम कटने पर उन्हें साइबर ठगी का पता चला।
झाबुआ पावर प्लांट के इंजीनियर से ठगी
तिलहरी के राजुल एक्सोटिका निवासी आशित कुमार गर्ग (38) झाबुआ पावर प्लांट में इंजीनियर हैं। उन्होंने गत वर्ष 22 दिसंबर को इंटरनेट मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर यालिनी गुना नाम की महिला ने उन्हें अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया।
महिला के कहने पर डाउनलोड कराए गए एप
महिला के कहने पर आशित ने एक से 20 जनवरी के बीच अलग-अलग खातों में 12 लाख 28 हजार रुपये जमा किए। आरोपित महिला द्वारा डाउनलोड कराए गए एप में मुनाफे के साथ करीब 20 लाख 32 हजार रुपये की राशि दिखाई देने लगी। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो और पैसे जमा करने की मांग की गई। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। गोराबाजार पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गिफ्ट स्टोर संचालक के खाते से रुपये पार
घमापुर थाना क्षेत्र के द्वारका नगर निवासी तुलसीदास गौतम गिफ्ट स्टोर संचालक हैं। पांच मई को उनका मोबाइल अचानक बंद और चालू होने लगा। उन्होंने इसे तकनीकी खराबी समझा, लेकिन अगले दिन आनलाइन पेमेंट एप नहीं खुलने पर संदेह हुआ। जब उन्होंने सिम दूसरे मोबाइल में डालकर जांच की, तो पता चला कि उनके खाते से तीन ट्रांजेक्शन के जरिए एक लाख 10 हजार रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।







