श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अमरकंटकः धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल में इन दिनों एक चिंताजनक स्थिति देखने को मिल रही है। कुछ समय से नाबालिग बालक-बालिकाएं बिना हेलमेट के तेज रफ्तार में मोटर बाइक एवं स्कूटी चलाते हुए सड़कों पर नजर आ रहे हैं, जो कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
जानकारी के अनुसार कई नाबालिग युवक दोपहिया वाहनों पर स्टंट करते हुए भी देखे गए हैं। उनकी लापरवाह और तेज रफ्तार ड्राइविंग से राहगीरों, पैदल यात्रियों और अन्य वाहन चालकों में भय का माहौल बन रहा है। संकरी और व्यस्त सड़कों पर इस प्रकार की गतिविधियां दुर्घटना की आशंका को और बढ़ा रही हैं। अमरकंटक एक प्रमुख तीर्थ स्थल होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक एवं परिक्रमा वासी आते-जाते रहते हैं। ऐसे में सड़कों पर वाहनों का दबाव हमेशा बना रहता है। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले यात्री भी अपने वाहनों से नगर में प्रवेश करते हैं, जिससे यातायात और अधिक संवेदनशील हो जाता है।
इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा भी उदासीनता बरती जा रही है। लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं पर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते इनके मनोबल भी बढ़े हुए हैं। इस मामले में अभिभावकों की लापरवाही भी सामने आ रही है। कई माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों को बिना किसी निगरानी के दोपहिया वाहन चलाने के लिए दे रहे हैं। परिणामस्वरूप बच्चे बेखौफ होकर तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस दिशा में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रशासन एवं पुलिस विभाग को चाहिए कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर सख्ती से रोक लगाए, नियमित जांच अभियान चलाए और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।







