श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- रीवा मध्य प्रदेश सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले आबकारी विभाग को अगर भ्रष्टाचार की सूची में सबसे ऊपर रखा जाए तो शायद यह गलत नहीं होगा।रीवा जिला आबकारी विभाग की करतूत के नित नए ऐसे ही किस्से सामने आते रहते हैं। ग्रामीणों ने आबकारी विभाग की गाड़ी से डब्बे में रखी देसी शराब भी पाई है इस पूरे मामले का वीडियो अब सोशल साइट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तीन घरों की तलाशी ली गई, शराब की सीसी नहीं मिली
बताया गया कि यहां स्थानीय ठेकेदार के गुर्गो के इशारों पर आबकारी विभाग की टीम द्वारा तीन घरों के अंदर घुसकर तलाशी ली गई लेकिन वहां शराब की एक सीसी तक नहीं मिली।जिसके बाद गांव के सरपंच सहित अन्य ग्रामीण एकत्रित हो गए और आक्रोशित हो गए।
गांव में अवैध शराब की बिक्री ना हो लेकिन…
ग्रामीणों का कहना था कि आबकारी विभाग की टीम का स्वागत है वह आए और कार्रवाई करें हम भी चाहते हैं कि गांव में अवैध शराब की बिक्री ना हो लेकिन शराब ठेकेदार के गुर्गो के साथ आकर घरों में घुसकर महिलाओं को परेशान करना और तलाशी लेना उनके बर्दाश्त के बाहर है।ग्रामीणों ने शराब ठेकेदार के गुर्गो को भी पड़ा जिसने बताया कि उसकी पेकारी गांव गांव चलती है और वह आबकारी विभाग की टीम के साथ आया हुआ है।
आबकारी विभाग की गाड़ी से डिब्बे में रखी हुई देसी शराब
आबकारी विभाग की तीन गाड़ियों में से एक गाड़ी में कुछ लोग भी बैठे हुए थे साथ ही ग्रामीणों ने आबकारी विभाग की गाड़ी से एक डिब्बे में रखी हुई देसी शराब भी पाई है, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और आबकारी विभाग की टीम की कार्रवाई का विरोध करने लगे। मामले को बिगड़ता देख आबकारी विभाग की टीम दबे पांव वहां से भागना ही उचित समझी।इसके बाद आबकारी विभाग की टीम शराब ठेकेदार के गुर्गो के साथ वापस लौट आई।
रीवा जिला आबकारी विभाग में सहायक जिला आबकारी अधिकारी के पद पर पदस्थ अखिलेश्वर सिंह ठाकुर उप निरीक्षक नेहा प्रजापति सहित कर्मचारियों के साथ क्षेत्र के शराब ठेकेदार के इशारे पर उनके गुर्गों के साथ ग्राम मदरो में कार्रवाई करने गए हुए थे।
सहायक जिला आबकारी की करतूते किसी से छिपी नहीं
सहायक जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश्वर सिंह ठाकुर की मूल पद स्थापना देसी शराब बॉटलिंग पॉइंट पर है लेकिन उन्हें जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन द्वारा उड़न दस्ता प्रभारी का भी अलग से प्रभार दिया गया है।मलाईदार कुर्सी पर बैठे सहायक जिला आबकारी की करतूते किसी से छिपी नहीं है जिसका एक जीता जागता उदाहरण शराब ठेकेदार और उनके गुर्गों के इशारे पर फिर से देखने को मिला है हम आपको बता दें आबकारी विभाग के इन अधिकारियों और कर्मचारियों की हरकतों से किसी भी दिन बड़ी घटना भी हो सकती है।











