श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल। सरकार लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और आधुनिक बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं जमीनी स्तर पर इन दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। बुढार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हादसे में घायल हुई एक महिला को लाया गया, लेकिन डॉक्टर के नहीं होने के चलते लहूलुहान महिला का इलाज एक वार्ड बाय ने किया।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार महिला खैरहा की रहने वाली है और उसका नाम कमरुन्निशा है। महिला अपने नाती के साथ आंखों का इलाज कराने रायपुर जा रही थी। घर से स्टेशन की ओर निकली और रास्ते में शासकीय अस्पताल के पास गाड़ी में कपड़ा फंसने के चलते गिर गई।
डॉक्टर नहीं मिले
घटना के बाद राहगीरों ने सहायता करते हुए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। महिला दर्द से परेशान रही। महिला के सिर पर गंभीर चोट आई है और उनका दाहिना हाथ भी टूट गया।
उपचार देने आउटसोर्स कर्मचारी आगे आए
दर्द से कराहती महिला को उपचार देने आउटसोर्स कर्मचारी महेश सिंह आगे आए। वार्ड बाय ने महिला का प्राथमिक उपचार करते हुए उनकी मरहम पट्टी की। काफी देर बाद एक डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, तब जाकर बुजुर्ग घायल महिला को समुचित उपचार मिल सका।
इस मामले में बुढ़ार बीएमओ शैली जैन ने कहा कि डॉक्टर को समय पर आना चाहिए। इस मामले को मैं दिखवाती हूं और पता करती हूं कि डॉक्टर क्यों नहीं मिले।










