श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- मऊगंज। मऊगंज थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। चोरी के मामले में नोटिस तामील कराने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों और आरोपित पक्ष के लोगों ने न सिर्फ हमला कर दिया, बल्कि एक महिला आरक्षक को कमरे में बंद कर बंधक बना लिया। घटना के दौरान महिलाओं ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट व अभद्रता की, इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों की वर्दियां फट गईं।
चोरी के मामले में नोटिस देने पहुंची थी पुलिस
कुलबहेरिया गांव निवासी रामलखन शर्मा पिता कालूराम शर्मा ने सितंबर 2025 में मऊगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके छोटे बेटे और बहू के कमरे में रखी पेटी से करीब 40 हजार रुपये नकद और लाखों रुपये के जेवरात चोरी हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने अपनी बड़ी बहू प्रियंका पर संदेह जताया था, जो घटना के बाद अपने मायके शुकुलगवां चली गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
ग्रामीणों ने महिला आरक्षक को बनाया बंधक
इसी क्रम में आज पुलिस टीम प्रियंका को नोटिस देने उसके मायके शुकुलगवां पहुंची थी। जैसे ही पुलिस टीम ने घर पहुंचकर नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि प्रियंका के स्वजन और वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए महिला आरक्षक को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और अभद्रता की गई।
अतिरिक्त पुलिस बल ने आरक्षक को कराया मुक्त
भीड़ ने पुलिस वाहन के सामने लेटकर रास्ता जाम करने की कोशिश भी की, जिससे हालात और बिगड़ गए। घटना के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दियां तक फट गईं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा और अतिरिक्त सहायता बुलानी पड़ी। सूचना मिलते ही लौर थाना और मऊगंज थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने किसी तरह महिला आरक्षक को सुरक्षित बाहर निकाला और स्थिति को नियंत्रित किया।
सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सात अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।










